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राजस्वकर्मचारियों को कोर्ट ने किया तलब
Updated Tue, 01 May 2018 12:20 AM IST
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लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के भदवार गांगेपुर गांव में स्थित स्कूल की सरकारी जमीन में वर्षों से मकान बनाकर रहने वाले करीब 60 लोगों के कब्जे से जमीन को खाली कराने की हाईकोर्ट में अपील की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दो मई को नायब तहसीलदार सगड़ी सहित अन्य राजस्वकर्मियों को तलब किया है। कोर्ट के इस आदेश से कर्मचारियों और कब्जेदारों दोनों में हडक़ंप मचा हुआ है।
सगड़ी तहसील में स्थित महुला गढ़वाल बांध के उत्तर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पर स्थित भदवार गांगेपुर गांव है। जहां घाघरा नदी की कटान से पीड़ित करीब 60 परिवार गांव के सरकारी स्कूल की जमीन में आकर बस गए। इसमें उदयभान यादव, रामजीत यादव, सूर्यभान यादव, महेंद्र यादव, मगरचंद यादव, शिवबचन यादव, चंद्रशेखर यादव, रामहित यादव, मिठाई यादव,बालेश्वर यादव, राम शरीफ यादव, सुभाष यादव, ललई यादव आदि का परिवार मकान बनाकर रहता है। वर्षों पहले घाघरा नदी में इनका आशियाना विलिन हो जाने के बाद सभी यहां मकान बनाकर रहने लगे। यह लोग करीब 50 वर्ष से अधिक समय से रह रहे हैं। इनके मकान को हटाकर स्कूल की जमीन खाली कराने के लिए गांव के मुराली यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नायब तहसीलदार सगड़ी सहित गांव के लेखपाल और कानून गो को अभिलेखों के साथ दो मई को तलब किया है। कोर्ट के इस कार्रवाई से सभी में हडक़ंप मचा हुआ है। इस संबंध में ग्राम प्रधान आशा देवी का कहना है कि यह लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं। ऐसे में इनका आशियाना उजाड़ना ठीक नहीं है। यदि इन्हें यहां से हटा दिया गया तो कहां जाकर परिवार सहित रहेंगे।
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सगड़ी तहसील में स्थित महुला गढ़वाल बांध के उत्तर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पर स्थित भदवार गांगेपुर गांव है। जहां घाघरा नदी की कटान से पीड़ित करीब 60 परिवार गांव के सरकारी स्कूल की जमीन में आकर बस गए। इसमें उदयभान यादव, रामजीत यादव, सूर्यभान यादव, महेंद्र यादव, मगरचंद यादव, शिवबचन यादव, चंद्रशेखर यादव, रामहित यादव, मिठाई यादव,बालेश्वर यादव, राम शरीफ यादव, सुभाष यादव, ललई यादव आदि का परिवार मकान बनाकर रहता है। वर्षों पहले घाघरा नदी में इनका आशियाना विलिन हो जाने के बाद सभी यहां मकान बनाकर रहने लगे। यह लोग करीब 50 वर्ष से अधिक समय से रह रहे हैं। इनके मकान को हटाकर स्कूल की जमीन खाली कराने के लिए गांव के मुराली यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नायब तहसीलदार सगड़ी सहित गांव के लेखपाल और कानून गो को अभिलेखों के साथ दो मई को तलब किया है। कोर्ट के इस कार्रवाई से सभी में हडक़ंप मचा हुआ है। इस संबंध में ग्राम प्रधान आशा देवी का कहना है कि यह लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं। ऐसे में इनका आशियाना उजाड़ना ठीक नहीं है। यदि इन्हें यहां से हटा दिया गया तो कहां जाकर परिवार सहित रहेंगे।
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