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निजीकरण के विरोध में शुरू हुआ तीन घंटे का कार्य बहिष्कार
Updated Wed, 21 Mar 2018 11:51 PM IST
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आजमगढ़। प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बिजली व्यवस्था प्राइवेट हाथों में दिए जाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन धीरे-धीरे तेज होता जा रहा है। बुधवार से बिजली कर्मचारियों ने प्रतिदिन तीन घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इस दौरान हाईडिल परिसर में धरना-प्रदर्शन और सभा की गई।
अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि निजीकरण के विरोध में बिजली विभाग के सभी संगठनों के कर्मचारी आंदोलन की राह पर है। 27 मार्च को पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय तो पहले ही हो चुका है। वहीं अब प्रांतीय नेतृत्व ने 26 मार्च तक प्रतिदिन तीन घंटे कार्यबहिष्कार का आहवान किया है। जिसके तहत बिजली कर्मचारी बुधवार को दो बजे से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर सिधारी हाईडिल परिसर में धरना प्रदर्शन किए। उन्होंने कहा कि सरकार की मनमानी का हर स्तर पर विरोध होगा। सरकार की यह कवायद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की कवायद मात्र है। इससे कर्मचारियों के साथ ही आम जनता का भी काफी नुकसान होगा। धरना प्रदर्शन में शत्रुघन यादव, संदीप प्रजापति, विकास कुमार, रमाकांत यादव, रोहित जैन समेत सभी संगठनों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि निजीकरण के विरोध में बिजली विभाग के सभी संगठनों के कर्मचारी आंदोलन की राह पर है। 27 मार्च को पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय तो पहले ही हो चुका है। वहीं अब प्रांतीय नेतृत्व ने 26 मार्च तक प्रतिदिन तीन घंटे कार्यबहिष्कार का आहवान किया है। जिसके तहत बिजली कर्मचारी बुधवार को दो बजे से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर सिधारी हाईडिल परिसर में धरना प्रदर्शन किए। उन्होंने कहा कि सरकार की मनमानी का हर स्तर पर विरोध होगा। सरकार की यह कवायद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की कवायद मात्र है। इससे कर्मचारियों के साथ ही आम जनता का भी काफी नुकसान होगा। धरना प्रदर्शन में शत्रुघन यादव, संदीप प्रजापति, विकास कुमार, रमाकांत यादव, रोहित जैन समेत सभी संगठनों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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