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चाचा ने जवान भतीजी को घर से निकाला, आश्रय के लिए भटक रही युवती
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:33 PM IST
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आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलरिया की चुंगी क्षेत्र में माता-पिता की मौत के बाद युवती अपने बड़े पिता के साथ रह रही थी। आरोप है कि ताऊ ने युवती की उत्पीड़न शुरू कर दिया और घर से निकाल दिया। शादी के योग्य युवती आश्रय की तलाश में भटक रही है। आशा ज्योति केंद्र पर शिकायत दर्ज करा अपने हक के लिए आवाज उठाई है। पुलिस ने युवती के परिजनों को बुलाकर समझाया, लेकिन मामले में कोई हल नहीं निकला है।
मुकेरीगंज बिलरिया की चुंगी निवासी ज्योति पुत्री स्व. मेवालाल गोंड़ प्रोवेशन विभाग के आशा ज्योति केंद्र पहुंची। बताया कि उसके पिता कि 1994 में मौत हो गई थी। तब वो तीन साल की थी। दो साल बाद मां मुन्नी देवी की भी मौत हो गई। छोटी बहन आरती और ज्योति अपने बाबा त्रिवेणी गोड़ और दादी के साथ रहती थीं। पांच साल पहले बाबा भी गुजर गए। इसे बाद वो बड़े पिता नंदलाल के साथ रहने लगी। ज्योति ने बताया कि दादा-दादी की मौत के बाद बड़े पिता उसका उत्पीड़न करने लगे। एक साल पहले बड़े पिता ने उसे घर से निकाल दिया। उसके बाद से वो रिश्तेदारों के यहां ही रह रही है। उनकी आश्रय पर उसकी अजीविका चल रही है। केंद्र पर कार्यरत कामिनी सिंह और ममता यादव ने बताया कि युवती के बयान दर्ज कर उसे एसपी के पास भी पेश कर दिया गया है। कोतवाली पुलिस ने परिजनों को समझाने के लिए हिरासत में भी लिया था, लेकिन वो इसे अपनी भतीजी मानने से ही इंकार रहे हैं। बाद में पुलिस की ओर से भी उन्हें छोड़ दिया गया। युवती ने एसपी अजय साहनी से मामले में कार्रवाई की अपील की है।
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मुकेरीगंज बिलरिया की चुंगी निवासी ज्योति पुत्री स्व. मेवालाल गोंड़ प्रोवेशन विभाग के आशा ज्योति केंद्र पहुंची। बताया कि उसके पिता कि 1994 में मौत हो गई थी। तब वो तीन साल की थी। दो साल बाद मां मुन्नी देवी की भी मौत हो गई। छोटी बहन आरती और ज्योति अपने बाबा त्रिवेणी गोड़ और दादी के साथ रहती थीं। पांच साल पहले बाबा भी गुजर गए। इसे बाद वो बड़े पिता नंदलाल के साथ रहने लगी। ज्योति ने बताया कि दादा-दादी की मौत के बाद बड़े पिता उसका उत्पीड़न करने लगे। एक साल पहले बड़े पिता ने उसे घर से निकाल दिया। उसके बाद से वो रिश्तेदारों के यहां ही रह रही है। उनकी आश्रय पर उसकी अजीविका चल रही है। केंद्र पर कार्यरत कामिनी सिंह और ममता यादव ने बताया कि युवती के बयान दर्ज कर उसे एसपी के पास भी पेश कर दिया गया है। कोतवाली पुलिस ने परिजनों को समझाने के लिए हिरासत में भी लिया था, लेकिन वो इसे अपनी भतीजी मानने से ही इंकार रहे हैं। बाद में पुलिस की ओर से भी उन्हें छोड़ दिया गया। युवती ने एसपी अजय साहनी से मामले में कार्रवाई की अपील की है।
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