{"_id":"661d5e11c8628c9d8e0deae6","slug":"271-lakh-rupees-were-grabbed-in-the-name-azamgarh-news-c-258-1-svns1004-114066-2024-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: शिक्षक संघ का पदाधिकारी बन नौकरी दिलाने के नाम पर हड़पा 2.71 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: शिक्षक संघ का पदाधिकारी बन नौकरी दिलाने के नाम पर हड़पा 2.71 लाख
विज्ञापन
आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक शिक्षामित्र ने बेटे की नौकरी के नाम पर शिक्षक संघ के एक पदाधिकारी को 2.71 लाख रुपये दिया। पांच लाख में नौकरी दिलाने की बात तय हुई थी। पैसा लेने के बाद शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने न तो नौकरी दिलाई न ही पैसा ही वापस कर रहा है। परेशान पीड़ित ने पैसा लेने वाले के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया है।
मूलरूप से मऊ जिले के मोहम्मदाबाद कोतवाली के बारा गांव निवासिनी रंजना सिंह पेशे से शिक्षामित्र हैं। वर्तमान में वह जीयनपुर कस्बा के मुहल्ला बाजार खास में परिवार के साथ रहती है। पुलिस को दी तहरीर में रंजना ने बताया कि एक साल पूर्व लखनऊ के गोमतीनगर निवासी सुरेश कुमार पासी का उनके पास फोन आया।
उन्होंने खुद को उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रदेश संगठन मंत्री बताया। शिक्षक समुदाय से होने के चलते उनकी सुरेश से बातचीत होने लगी और सुरेश का घर पर भी कई बार आया। इस दौरान उसने बताया कि एक महाविद्यालय में लिपिक पद की भर्ती आयी है। पांच लाख में वह उसके पुत्र की नौकरी लगवा देगा। इस पर रंजना ने कई बार में 2.71 लाख रुपये उसे दे दिया।
विज्ञापन
सुरेश ने चार-पांच माह में नौकरी मिलने की बात कही थी। इससे अधिक समय बीतने पर उसने सुरेश से पुन: पूछा को आज-कल की बात कह कर टालता रहा। पीड़िता की तहरीर पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
विज्ञापन
मूलरूप से मऊ जिले के मोहम्मदाबाद कोतवाली के बारा गांव निवासिनी रंजना सिंह पेशे से शिक्षामित्र हैं। वर्तमान में वह जीयनपुर कस्बा के मुहल्ला बाजार खास में परिवार के साथ रहती है। पुलिस को दी तहरीर में रंजना ने बताया कि एक साल पूर्व लखनऊ के गोमतीनगर निवासी सुरेश कुमार पासी का उनके पास फोन आया।
विज्ञापन
उन्होंने खुद को उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रदेश संगठन मंत्री बताया। शिक्षक समुदाय से होने के चलते उनकी सुरेश से बातचीत होने लगी और सुरेश का घर पर भी कई बार आया। इस दौरान उसने बताया कि एक महाविद्यालय में लिपिक पद की भर्ती आयी है। पांच लाख में वह उसके पुत्र की नौकरी लगवा देगा। इस पर रंजना ने कई बार में 2.71 लाख रुपये उसे दे दिया।
विज्ञापन
सुरेश ने चार-पांच माह में नौकरी मिलने की बात कही थी। इससे अधिक समय बीतने पर उसने सुरेश से पुन: पूछा को आज-कल की बात कह कर टालता रहा। पीड़िता की तहरीर पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।