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फिर मिले दर्जन भर पीलिया के नये मरीज, हड़कंप
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मुबारकपुर। स्थानीय कस्बे में फैले पीलिया पर कंट्रोल की सारी कवायद फेल होती नजर आ रही है। शनिवार को भी दर्जन भर पीलिया के मरीज सामने आए। जिसमें नौ का जहां सीएचसी पर इलाज चल रहा है वहीं शेष विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे है। मुबारकपुर नगर पालिका क्षेत्र व आसपास के इलाके में 11 जनवरी से ही पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है। इस पर कंट्रोल पाने की सारी कवायद अब तक फेल ही साबित हो रही है। शनिवार को सीएचसी मुबारकपुर पर 12 लोग इलाज के लिए पहुंचे। जिनकी जांच किए जाने पर नौ लोगों में पीलिया के लक्षण पाए गए। एक साथ नौ मरीज आने से अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। आनन फानन में सभी मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया। सीएचसी पर मिले नये मरीजों में पुरानी बस्ती निवासी 16 वर्षीय अमन पुत्र रामकेश, डिलिया निवासीनी 30 वर्षीया उमा पत्नी दीपचंद, नूरपुर बुतात निवासी 10 वर्षीय राहुल पुत्र मनोज, पूरारानी निवासीनी 52 वर्षीया मनोरमा पत्नी विनोद, शहीदनगर निवासीनी 14 वर्षीया उम्मे फजल पुत्री अनस, पूरा ख्वाजा निवासी 12 वर्षीय अभिषेक व 10 वर्षीय अमन पुत्रगण प्रभु, मदारपुर निवासी 65 वर्षीय खिलाड़ी पुत्र मेदा व पूरा दुल्हन निवासी 15 वर्षीय जियाऊ आबिद पुत्र खलीकुज्जमां शामिल है। इनके अलावा चार अन्य मरीज विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में भी अपना इलाज करा रहे है।
कुछ नए क्षेत्र भी हुए पीलिया प्रभावित
मुबारकपुर। वैसे तो मुबारकपुर कस्बे में पीलिया की शुरूआत पूरारानी मुहल्ले से हुई थी और धीरे-धीरे पीलिया के प्रकोप ने आधे से ज्यादा नगर पालिका क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया था। शनिवार को जो नये मरीज सामने आये है, उसमें कुछ के क्षेत्र भी नये है। इसमें मदारपुर, डीलिया व शहीदनगर शामिल है। इन नये क्षेत्रों में भी पीलिया के रोगी मिलने से हड़कंप मच गया है। बीमार लोग सीएचसी पर पहुंच कर अपनी जांच कराने में जुटे हुए है।
जांच टीम संग लगे दो कर्मचारी, बताएंगे पानी नपा का है या नहीं
आजमगढ़/मुबारकपुर। नगर पालिका परिषद पीलिया के प्रकोप को लेकर अपने ऊपर लगे आरोप को साफ करने में जुट गया है। स्वास्थ्य महकमे की पानी जांच टीम के साथ अब नपा के भी दो कर्मचारी रहेंगे। जो टीम को यह बताएंगे कि जिस पानी की जांच की जा रही है वह नपा का है कि नहीं।
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पीलिया फैलने के बाद से ही स्वास्थ्य महकमा इसके लिए नपा प्रशासन को जिम्मेदार बता रहा है और इसके पीछे नपा के जलकल विभाग द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी की जांच को आधार बताया जा रहा है। पूर्व सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने मुबारपुर सीएचसी पर प्रेसवार्ता कर नपा के पानी को दूषित बताया था। वहीं स्वास्थ्य महकमें की टीम प्रतिदिन कस्बे में जगह-जगह पानी में क्लोरीन के मात्रा की जांच कर रही है। एक दिन क्लोरीन मिलती है तो दूसरे दिन क्लोरीन गायब रहती है। जेडी संक्रामक रोग लखनऊ ने मुबारकपुर कस्बे में निरीक्षण के दौरान कहा था कि यदि एक भी दिन क्लोरीन मिलने में गड़बड़ी हुई तो पुन: दस दिन क्लोरीनेशन के बाद ही वह रूटीन में आता है। जेडी के इस बयान के बाद नपा प्रशासन ने कमर कस ली और दो कर्मचारियों सुभाष चंद्र मौर्य व श्री प्रकाश यादव की ड्यूटी लगा दी है। ये दोनों कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ चक्रमण करेंगे और जिस पानी की जांच टीम करेंगी, उसमें यह बताएंगे कि वह पानी नगर पालिका का है कि नहीं है। नपा का कहना है कि स्वास्थ्य महकमा नपा के सप्लाई होने वाले पानी के अलावा लोगों के घरों में लगे समर सेबल व हैंडपंप के पानी की भी जांच कर रहा है और जहां क्लोरीन नहीं मिल रहा है वह नपा द्वारा सप्लाई किया जाने वाला पानी ही नहीं है।
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कुछ नए क्षेत्र भी हुए पीलिया प्रभावित
मुबारकपुर। वैसे तो मुबारकपुर कस्बे में पीलिया की शुरूआत पूरारानी मुहल्ले से हुई थी और धीरे-धीरे पीलिया के प्रकोप ने आधे से ज्यादा नगर पालिका क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया था। शनिवार को जो नये मरीज सामने आये है, उसमें कुछ के क्षेत्र भी नये है। इसमें मदारपुर, डीलिया व शहीदनगर शामिल है। इन नये क्षेत्रों में भी पीलिया के रोगी मिलने से हड़कंप मच गया है। बीमार लोग सीएचसी पर पहुंच कर अपनी जांच कराने में जुटे हुए है।
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जांच टीम संग लगे दो कर्मचारी, बताएंगे पानी नपा का है या नहीं
आजमगढ़/मुबारकपुर। नगर पालिका परिषद पीलिया के प्रकोप को लेकर अपने ऊपर लगे आरोप को साफ करने में जुट गया है। स्वास्थ्य महकमे की पानी जांच टीम के साथ अब नपा के भी दो कर्मचारी रहेंगे। जो टीम को यह बताएंगे कि जिस पानी की जांच की जा रही है वह नपा का है कि नहीं।
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पीलिया फैलने के बाद से ही स्वास्थ्य महकमा इसके लिए नपा प्रशासन को जिम्मेदार बता रहा है और इसके पीछे नपा के जलकल विभाग द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी की जांच को आधार बताया जा रहा है। पूर्व सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने मुबारपुर सीएचसी पर प्रेसवार्ता कर नपा के पानी को दूषित बताया था। वहीं स्वास्थ्य महकमें की टीम प्रतिदिन कस्बे में जगह-जगह पानी में क्लोरीन के मात्रा की जांच कर रही है। एक दिन क्लोरीन मिलती है तो दूसरे दिन क्लोरीन गायब रहती है। जेडी संक्रामक रोग लखनऊ ने मुबारकपुर कस्बे में निरीक्षण के दौरान कहा था कि यदि एक भी दिन क्लोरीन मिलने में गड़बड़ी हुई तो पुन: दस दिन क्लोरीनेशन के बाद ही वह रूटीन में आता है। जेडी के इस बयान के बाद नपा प्रशासन ने कमर कस ली और दो कर्मचारियों सुभाष चंद्र मौर्य व श्री प्रकाश यादव की ड्यूटी लगा दी है। ये दोनों कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ चक्रमण करेंगे और जिस पानी की जांच टीम करेंगी, उसमें यह बताएंगे कि वह पानी नगर पालिका का है कि नहीं है। नपा का कहना है कि स्वास्थ्य महकमा नपा के सप्लाई होने वाले पानी के अलावा लोगों के घरों में लगे समर सेबल व हैंडपंप के पानी की भी जांच कर रहा है और जहां क्लोरीन नहीं मिल रहा है वह नपा द्वारा सप्लाई किया जाने वाला पानी ही नहीं है।