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तीन साल में 850 को रोजगार, आधे लौटे घर

Fri, 01 Sep 2017 11:35 PM IST
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:35 PM IST
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तीन साल में 850 को रोजगार, आधे लौटे घर
आजमगढ़। प्रदेश में कौशल विकास योजना के तहत पिछले तीन वर्ष में योजना के तहत प्रशिक्षित तो बहुतों को किया गया। लेकिन रोजगार मिला सिर्फ 850 युवकों को। इसमें भी गैर प्रांत में रोजगार मिलने के कारण आधे घर लौट आए हैं।
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पिछली सपा सरकार ने जोर-शोर से कौशल विकास योजना को प्रचारित कर युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए बात कही थी। वर्तमान भाजपा सरकार ने इसी योजना के तहत इस वर्ष 10 लाख युवाओं को रोजगार दिलाने का एलान किया है। साथ ही ये भी वादा किया गया है कि रोजगार प्रदेश और जिले में ही उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि युवाओं को रोजगार की तलाश में पलायन नहीं करना पड़े। वर्ष 2016-17 में 2760 के लक्ष्य के सापेक्ष 1930 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित किया गया था। हालांकि अभी सभी की परीक्षा और सर्टीफिकेट का वितरण भी नहीं हो पाया है। इसमें मात्र 55 लोगों को अभी रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसमें भी जिले में रोजगार पाने वाले आधे हैं। बाकी को अन्य प्रदेशों का रुख करना पड़ा है। इस वर्ष भी लगभग 3926 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसमें अब तक 756 का ही प्रशिक्षण शुरू हो पाया है।
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आंकड़ों पर गौर करें तो दिसंबर 2013 में सपा सरकार की ओर से इस योजना की शुरुआत की गई थी। 2014 से 2017 तक तीन वित्तीय वर्षों में मात्र 850 युवाओं को ही योजना के तहत रोजगार दिलाया जा सका है। इसमें भी अधिकतर को राजस्थान, हिमाचल प्रदेश आदि में रोजगार मिला। बताया जाता है कि इसमें से भी आधे लोग रोजगार छोड़कर घर लौट आए हैं। इससे साफ है कि युवाओं को सिर्फ प्रशिक्षित करने से काम नहीं चलेगा। उन्हें अपने घर के नजदीक रोजगार दिलाने के लिए औद्योगिक नीति में भी बदलाव कर नये उद्योग भी लगवाने होंगे।
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सात ट्रेडों का मिल रहा प्रशिक्षण
आजमगढ़। कौशल विकास योजना के तहत जिले में सात ट्रेडों के तहत युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसमें राजकीय आईटीआई में इलेक्ट्रिकल, फैब्रिकेशन, गारमेंट, आईसीटी, ब्यूटी कल्चर, बैंकिंग और हेल्थकेयर के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा जिले में आठ निजी प्रशिक्षण प्रदाता भी युवाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इसमें जनकल्याण सेवा समिति, श्री टेक्नोलाजी, सोसाइटी फार इंफारमेशन एंड टेक्नोलाजी, वीकाल, बीरबल एकेडमी, गौतम बुद्ध हेल्थ केयर, सर सैयद फर्मकोलाजी, विजनरी नॉलेज मैनेजमेंट की तरफ से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


पिछले तीन वर्षों में लगभग 850 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है। इस वर्ष लगभग चार हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। इसमें 756 की प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। नौकरियों के लिए ज्यादातर आफर बाहरी प्रदेशों से ही आ रहे हैं।
अमित कुमार, प्रबंधक कौशल विकास मिशन

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