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सात महीने में नहीं हो सकी हैंडपंप रिबोर की जांच
Updated Sun, 20 May 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। जनपद में हैंडपंप रिबोर मामले में घोटाले की आशंका को देखते हुए तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने परियोजना निदेशक को इसकी जांच कराने का निर्देश अक्टूबर माह में ही दिया। लेकिन इस निर्देश को सात माह से ऊपर का समय पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक सभी ब्लाकों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। सरकार घोटालेबाजों और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोताही न बरतने की बात करती है। वहीं जिले के अधिकारी ही इन घोटालेबाजों और भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटे हुए हैं। अक्टूबर 2017 में सांसद और विधायक निधि कोटे से लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों के रिबोर और मरम्मत के दौरान निकलने वाले वेस्ट मैटेरियल में घोटाले की आशंका से तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने परियोजना निदेशक को उक्त मामले की जांच खंड विकास अधिकारियों से कराकर 15 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। लेकिन जब उनके द्वारा जांच आख्या उपलब्ध कराने में देरी हुई तो मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उन्हें दो रिमाइंडर भी जारी किया गया। आनन-फानन में परियोजना निदेशक द्वारा जनवरी 2018 में 11 विकास खंडों के हैंडपंपों की जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई गई। इस पर तत्कालीन सीडीओ ने परियोजना निदेशक को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। लेकिन आज तक न तो जनपद के 22 ब्लाकों की जांच आख्या ही मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई जा सकी और ना ही उपलब्ध जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई ही की गई।
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