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ठंड से मृत महिला के बच्चों को मिले इंसाफ
Updated Tue, 09 Jan 2018 12:09 AM IST
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आजमगढ़। आराजी बैरिया गांव मे ठंड से महिला सोमारी की मौत को उजागर करने वाले सामाजिक संगठन प्रयास के पदाधिकारियों ने सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोनों बच्चों को न्याय दिलाने की मांग की।
सामाजिक संगठन प्रयास के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने बताया कि महाराजगंज के ब्लाक के आराजी बैरिया गांव की सोमारी की ठंड से मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। आठ बीघा खेत रहने के बावजूद भी सोमारी समाज से दूर उजड़ी मड़ई में रहती थी। उन्होंने पूर्व प्रधान पर सोमारी की भूमि कब्जाने और उसे समाज से बहिष्कृत कराने का आरोप लगाया। संगठन ने मृतका के दोनों बच्चों को मुआवजा देने की मांग की। पदाधिकारियों ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रावाई करने और बच्चों को उनके हिस्से की भूमि दिलाने की मांग की। इस मौके पर सुनील यादव, महेन्द्र, डा. हरगोविन्द विश्वकर्मा, शंभूदयाल सोनकर, शम्साद सोनकर, प्रेमगम आजमी आदि मौजूद रहे।
विभिन्न संगठनों में मांगा अनाथों का हक
आजमगढ़। आराजी बैरिया गांव में ठंड से मरने वाली सोमारी देवी के अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने और पूर्व प्रधान की ओर से जबरन कब्जाई गई भूमि को वापस दिलाने की मांग को लेकर गांधीगिरी टीम और उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ ने सोमवार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा। गांधीगिरी टीम के संयोजक विवेक पांडेय ने कहा कि सोमारी देवी के पास रहने के लिए न तो छत थी और न ही खाने के लिए अनाज। वह दबंगों के डर से गांव के सिवान में घास-फूस की झोपड़ी में रहने को विवश थी। सोमारी के पिता भगोला के पास हथियागढ़ गांव में करीब आठ बीघे जमीन थी। उक्त जमीन को गांव के पूर्व प्रधान की ओर से कब्जा कर लिया गया है। उप्र अभिभावक महासंघ के गोविन्द दूबे ने भूमि को पूर्व प्रधान से मुक्त कराकर मृतका के बच्चे श्रवण और आर्यन के नाम कराने की मांग की। इस मौके पर आशीष उपाध्याय, ऋषभ, चंचलशर्मा, ब्रजेश चौरसिया, ऋषभ पंडित इजहार अहमद, चन्दन सिंह, अखंड दुबे सहित आदि मौजूद रहे।
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सामाजिक संगठन प्रयास के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने बताया कि महाराजगंज के ब्लाक के आराजी बैरिया गांव की सोमारी की ठंड से मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। आठ बीघा खेत रहने के बावजूद भी सोमारी समाज से दूर उजड़ी मड़ई में रहती थी। उन्होंने पूर्व प्रधान पर सोमारी की भूमि कब्जाने और उसे समाज से बहिष्कृत कराने का आरोप लगाया। संगठन ने मृतका के दोनों बच्चों को मुआवजा देने की मांग की। पदाधिकारियों ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रावाई करने और बच्चों को उनके हिस्से की भूमि दिलाने की मांग की। इस मौके पर सुनील यादव, महेन्द्र, डा. हरगोविन्द विश्वकर्मा, शंभूदयाल सोनकर, शम्साद सोनकर, प्रेमगम आजमी आदि मौजूद रहे।
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विभिन्न संगठनों में मांगा अनाथों का हक
आजमगढ़। आराजी बैरिया गांव में ठंड से मरने वाली सोमारी देवी के अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने और पूर्व प्रधान की ओर से जबरन कब्जाई गई भूमि को वापस दिलाने की मांग को लेकर गांधीगिरी टीम और उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ ने सोमवार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा। गांधीगिरी टीम के संयोजक विवेक पांडेय ने कहा कि सोमारी देवी के पास रहने के लिए न तो छत थी और न ही खाने के लिए अनाज। वह दबंगों के डर से गांव के सिवान में घास-फूस की झोपड़ी में रहने को विवश थी। सोमारी के पिता भगोला के पास हथियागढ़ गांव में करीब आठ बीघे जमीन थी। उक्त जमीन को गांव के पूर्व प्रधान की ओर से कब्जा कर लिया गया है। उप्र अभिभावक महासंघ के गोविन्द दूबे ने भूमि को पूर्व प्रधान से मुक्त कराकर मृतका के बच्चे श्रवण और आर्यन के नाम कराने की मांग की। इस मौके पर आशीष उपाध्याय, ऋषभ, चंचलशर्मा, ब्रजेश चौरसिया, ऋषभ पंडित इजहार अहमद, चन्दन सिंह, अखंड दुबे सहित आदि मौजूद रहे।
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