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संत समागम के साथ निशक्तजनों में विरित हुआ कंबल
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:37 PM IST
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अहरौला। श्री श्री 1008 ब्रह्ममलीन दुर्वासा महामंडलेश्वर रामलालदास मौनी बाबा की प्रथम पुण्यतिथि पर मां शारदा पीजी कालेज शंभूपुर गहजी परिसर में प्रबंधक फौजदार सिंह के नेतृत्व में बुधवार को भव्य संत समागम और भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान पांच सौ विकलांगों मेें कंबल का वितरण किया गया।
मुख्य अतिथि अयोध्या के जगतगुरु रामानुजाचार्य संप्रदाय के राघवाचार्य रहे। अध्यक्षता दिगंबर आखाड़ा अयोध्या के महंत सुरेश दास ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और मौनी बाबा के चित्र पर दीप और पुष्प अर्पित कर हुआ। संत समाज द्वारा स्तुतिवाचन और सुभाष तिवारी कुंदन द्वारा मौनी बाबा के जीवन वृत्त पर प्रकाश ड़ाला गया। कालेज के प्रबंधक फौजदार सिंह, प्राचार्य डा. दिवाकर सिंह द्वारा सभी संत समाज को अभिनंदन पत्र अंगवस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। डा. दिवाकर सिंह ने संस्कृत भाषा में संत समाज का स्वागत भाषण किया। विरक्त संत शिवनिहवां बाबा का पूजन अर्चन हुआ। मुख्य अतिथि डा. राघवाचार्य ने कहा कि भारत भूमि देव भूमि है। जितने भी भगवान के अवतार हुए भारत भूमि पर हुए। हमारा भारत चरित्र प्रधान रहा है और धर्मनिरपेक्ष भी। पर आज चारित्रिक दोषों ने लोगों के अंदर घर बना लिया है। हम ऋषि दुर्वाषा, चंद्रमा, दत्तात्रेय की धरती पर ब्रह्ममलीन मौनी बाबा जैसे संत को प्रणाम करते हैं जो क्षेत्र में अपने तपोबल से धार्मिक भावना को जगाए रखे हैं। इस मौके पर महंत हरिप्रसाद दास, महंथ प्रेमदास, महंथ भरत दास, महंथ अवधविहारीदास, महंथ नरायन दास, दैवज्ञ मुन्ना बाबा, हाकिम बाबा आदि उपस्थित थे।
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मुख्य अतिथि अयोध्या के जगतगुरु रामानुजाचार्य संप्रदाय के राघवाचार्य रहे। अध्यक्षता दिगंबर आखाड़ा अयोध्या के महंत सुरेश दास ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और मौनी बाबा के चित्र पर दीप और पुष्प अर्पित कर हुआ। संत समाज द्वारा स्तुतिवाचन और सुभाष तिवारी कुंदन द्वारा मौनी बाबा के जीवन वृत्त पर प्रकाश ड़ाला गया। कालेज के प्रबंधक फौजदार सिंह, प्राचार्य डा. दिवाकर सिंह द्वारा सभी संत समाज को अभिनंदन पत्र अंगवस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। डा. दिवाकर सिंह ने संस्कृत भाषा में संत समाज का स्वागत भाषण किया। विरक्त संत शिवनिहवां बाबा का पूजन अर्चन हुआ। मुख्य अतिथि डा. राघवाचार्य ने कहा कि भारत भूमि देव भूमि है। जितने भी भगवान के अवतार हुए भारत भूमि पर हुए। हमारा भारत चरित्र प्रधान रहा है और धर्मनिरपेक्ष भी। पर आज चारित्रिक दोषों ने लोगों के अंदर घर बना लिया है। हम ऋषि दुर्वाषा, चंद्रमा, दत्तात्रेय की धरती पर ब्रह्ममलीन मौनी बाबा जैसे संत को प्रणाम करते हैं जो क्षेत्र में अपने तपोबल से धार्मिक भावना को जगाए रखे हैं। इस मौके पर महंत हरिप्रसाद दास, महंथ प्रेमदास, महंथ भरत दास, महंथ अवधविहारीदास, महंथ नरायन दास, दैवज्ञ मुन्ना बाबा, हाकिम बाबा आदि उपस्थित थे।
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