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28 साल बाद शुरू हुआ नियमों का पालन
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:41 PM IST
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आजमगढ़। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के निर्देश पर 28 वर्ष साल बाद मोटर वैह्किल एक्ट के नियमों का पालन करते हुए सड़क हादसे में घायल और मृत होने वालों को अब तत्कालिक आर्थिक सहायता की शुरूआत की गई है। अन्यथा इससे पहले मामला दबा पड़ा था। सीएम के निर्देश शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत पहली रकम रौनापार थाना क्षेत्र के बनियापार गांव निवासी मृत होमगार्ड विपिनकांत के परिवार को दी जाएगी। सगड़ी तहसील से आर्थिक सहायता दिए जाने की रिपोर्ट मिलने के बाद एआरटीओ ने फाइल डीएम के यहां प्रस्तुत किया। डीएम के निर्देश पर जल्द ही होमगार्ड के परिवार को बुलाकर निर्धारित 25 हजार रुपये का चेक दिया जाएगा।
एआरटीओ प्रशासन बीके पांडेय ने बताया कि मोटर वैह्किल एक्ट 1989 में लागू किया गया। इसके तहत यह प्रावधान है कि सड़क हादसे में घायल होने वालों को तत्काल आर्थिक मदद के तौर पर परिवहन विभाग की तरफ से आठ हजार रुपये और मरने वालों को 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है। लेकिन बजट सहित अन्य तमाम खामियों के चलते यह व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकी थी। मामला दबा पड़ा हुआ था। लेकिन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने प्रदेश की कमान संभालने के बाद ना केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश बल्कि लंबित पड़े नियमों को भी लागू करते हुए उसका लाभ लोगों को देने का निर्देश दिया। सीएम के निर्देश के बाद अब से सड़क हादसे में घायल होने वालों को आठ हजार और मरने वालों को 25 हजार रुपये दिया जाएगा। एआरटीओ ने बताया कि यह रकम राष्ट्रीय बीमा कंपनी के सौजन्य से दिया जाना है। किसी भी हादसे के बाद आवेदन रकम पाने के लिए संबंधित एसडीएम के यहां प्रार्थना पत्र देगा। वहां से पुलिस और राजस्वकर्मियों के जरिए जांच कर रिपोर्ट परिवहन कार्यालय भेजी जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा डीएम से अनुमति लेकर संबंधित को भुगतान किया जाएगा। एआरटीओ ने बताया कि इस योजना के तहत जिले में पहली बार रौनापार थाना क्षेत्र के बनियापार गांव निवासी विपिन कांत के परिवारवालों को देना स्वीकृत हुआ है। विपिनकांत होमगार्ड था। वह आठ जून 2016 को ड्यूटी करके घर लौट रहा था। रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। विपिनकांत की मौत के बाद यह रकम उसकी मां किसमतिया देवी पत्नी बेचन को दी जाएगी।
तत्काल करें यहां आवेदन
आजमगढ़। किसी भी सड़क हादसे के बाद उसमें घायल हुए या मरने वालों के परिवार के लोग घटना के संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। इसके बाद एसडीएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दें। तहसील से राजस्वकर्मियों और पुलिस की मदद से पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट परिवाहन विभाग कार्यालय में भेजी जाएगी। यहां से भुगतान के लिए डीएम से अनुमति मांगी जाएगी। डीएम की तरफ से हरी झंडी मिलते ही घायल होने वाले के परिवार को आठ हजार और मरने वाले के परिवार के 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
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तीन विभागों की वजह से थी खिंचतान
आजमगढ़। मोटर वैकिल एक्ट के तहत मिलने वाले तत्कालिक सहायता राशि के लिए पुलिस, राजस्व और परिवहन विभाग को अपनी-अपनी रिपोर्ट लगानी है। हालांकि यह रकम पीड़ित को तुरंत मिल जानी चाहिए। लेकिन तीनों विभाग की रिपोर्ट के बाद ही दी जानी है। इसलिए लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने में देर होती है।
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एआरटीओ प्रशासन बीके पांडेय ने बताया कि मोटर वैह्किल एक्ट 1989 में लागू किया गया। इसके तहत यह प्रावधान है कि सड़क हादसे में घायल होने वालों को तत्काल आर्थिक मदद के तौर पर परिवहन विभाग की तरफ से आठ हजार रुपये और मरने वालों को 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है। लेकिन बजट सहित अन्य तमाम खामियों के चलते यह व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकी थी। मामला दबा पड़ा हुआ था। लेकिन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने प्रदेश की कमान संभालने के बाद ना केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश बल्कि लंबित पड़े नियमों को भी लागू करते हुए उसका लाभ लोगों को देने का निर्देश दिया। सीएम के निर्देश के बाद अब से सड़क हादसे में घायल होने वालों को आठ हजार और मरने वालों को 25 हजार रुपये दिया जाएगा। एआरटीओ ने बताया कि यह रकम राष्ट्रीय बीमा कंपनी के सौजन्य से दिया जाना है। किसी भी हादसे के बाद आवेदन रकम पाने के लिए संबंधित एसडीएम के यहां प्रार्थना पत्र देगा। वहां से पुलिस और राजस्वकर्मियों के जरिए जांच कर रिपोर्ट परिवहन कार्यालय भेजी जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा डीएम से अनुमति लेकर संबंधित को भुगतान किया जाएगा। एआरटीओ ने बताया कि इस योजना के तहत जिले में पहली बार रौनापार थाना क्षेत्र के बनियापार गांव निवासी विपिन कांत के परिवारवालों को देना स्वीकृत हुआ है। विपिनकांत होमगार्ड था। वह आठ जून 2016 को ड्यूटी करके घर लौट रहा था। रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। विपिनकांत की मौत के बाद यह रकम उसकी मां किसमतिया देवी पत्नी बेचन को दी जाएगी।
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तत्काल करें यहां आवेदन
आजमगढ़। किसी भी सड़क हादसे के बाद उसमें घायल हुए या मरने वालों के परिवार के लोग घटना के संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। इसके बाद एसडीएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दें। तहसील से राजस्वकर्मियों और पुलिस की मदद से पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट परिवाहन विभाग कार्यालय में भेजी जाएगी। यहां से भुगतान के लिए डीएम से अनुमति मांगी जाएगी। डीएम की तरफ से हरी झंडी मिलते ही घायल होने वाले के परिवार को आठ हजार और मरने वाले के परिवार के 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
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तीन विभागों की वजह से थी खिंचतान
आजमगढ़। मोटर वैकिल एक्ट के तहत मिलने वाले तत्कालिक सहायता राशि के लिए पुलिस, राजस्व और परिवहन विभाग को अपनी-अपनी रिपोर्ट लगानी है। हालांकि यह रकम पीड़ित को तुरंत मिल जानी चाहिए। लेकिन तीनों विभाग की रिपोर्ट के बाद ही दी जानी है। इसलिए लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने में देर होती है।