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कृषि विशेषज्ञों ने दी पशुपालन और जैविक खेती की जानकारी
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:13 AM IST
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आजमगढ़। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण और कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय तीन दिवसीय किसान मेले के दूसरे दिन मंगलवार को किसानों को विविध जानकारियां दी गई। जिसमें कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को पशुपालन और जैविक खेती के बारे में विस्तार से बताया गया। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के कार्यक्रम समंवयक डा. एनपी सिंह ने बताया कि समूह के माध्यम से महिलाएं जैम, जैली, अचार, मुरब्बा बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर व्यवसायिक रूप से इसका उत्पादन कर सकती हैं। इससे घर में खाने के लिए शुद्ध चीजें प्राप्त होगी और महिलाएं स्वावलंबी बन कर अपनी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ कर सकती हैं। जायद में सब्जियों की खेती और गर्मी के दिनों में महुआ का उपयोग कर मधुमक्खी पालन की सलाह दी। कृषि विशेषज्ञ डा. रसूल मोहम्मद ने मछली पालन के साथ.साथ बत्तख पालन का सुझाव दिया। उप कृषि निदेशक डा. आरके मौर्य ने बताया कि किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराना आवश्यक है। प्रत्येक राजस्व गांव स्तर पर वर्मी कंपोस्ट यूनिट की स्थापना कराई जा रही है। इसमें एक एकड़ क्षेत्रफल रखने वाले इच्छुक कृषक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। जिसकी लागत रू0 8000 है और प्रति इकाई पर लागत का 75 प्रतिशत अधिकतम रुपए 6000 औश्र दोनों में से जो भी कम हो अनुदान अनुमन्य है। जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता ने कृषि निवेश में अनुमन्य अनुदान के साथ.साथ निजी त्षेत्रों से कृषि निवेश क्रय करते समय सावधानियचं के बारे में विस्तार से चर्चा की। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. बीके सिंह ने बताया कि जनपद में अंडे की मांग प्रतिदिन 800000 है, जबकि जनपद में मात्र 4.5 लाख अंडे का उत्पादन हो रहा है। दुग्ध उत्पादन के लिए स्वदेशी गाय के संवर्धन एवं संरक्षण पर बल दिया। उप निदेशक कृषि रक्षा गोपाल दास गुप्ता द्वारा फसलों में लगने वाले कीट, रोग और व्याधियों से बचाव के लिए बीज शोधन की विस्तृत जानकारी दी। संयुक्त कृषि निदेशक सुरेश कुमार सिंह ने रबी की सभी फसलों की बुवाई लाइन से किए जाने पर बल दिया। कार्यक्रम में भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह मौर्य, सलाहकार डा. रामकेवल यादव, जिला उद्यान अधिकारी बीके वर्मा ने भी विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतिम दिन आजमगढ़ के अतिरिक्त मऊ और बलिया जनपद से कृषकों की सहभागिता होगी।
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