फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   नदियों और सरोवरों के किनारे उमड़ा आस्था का सैलाब

नदियों और सरोवरों के किनारे उमड़ा आस्था का सैलाब

Tue, 13 Nov 2018 11:39 PM IST
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:39 PM IST
विज्ञापन
नदियों और सरोवरों के किनारे उमड़ा आस्था का सैलाब
आजमगढ़। चार दिवसीय छठ पर्व के तीसरे दिन मंगलवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के मंगल की कामना की। इस दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरूष इकट्ठा हुए और मेले जैसा माहौल रहा। इसके पूर्व महिलाओं ने सुबह से ही घर पर पूजा की तैयारी शुरू कर दी। दोपहर से नगर के तमसा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। शाम होते-होते घाटों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ हो गई। इस बीच छठ घाटों पर भजन से लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देर रात तक ढोल-ताशे और छठ गीतों की आवाज लोगों की आस्था का एहसास कराती रही। बुधवार सुबह अरुणोदय पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर माताएं व्रत का पारन करेंगी। व्रतियों के घरवाले दोपहर बीतते ही सिर पर पूजा सामग्री और दउरा लेकर घाटों पर पहुंचने लगे। उनके पीछे छठ गीत गातीं व्रती महिलाएं चल रही थीं। कुछ लोग बैंडबाजे के साथ घाटों पर पहुंचे। देखते ही देखते वहां मेले सा माहौल हो गया। छठ वेदी पर धूप, दीप जलने लगे। अगरबत्ती की खुशबू मन में भक्ति भाव भरने लगी। छठी मईया की कृपा पाने के लिए महिलाएं पूजा के दौरान छठ गीत गा रही थीं। अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने का कार्य उनके डूूबने के समय होना था लेकिन शाम चार बजे से ही वे भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पानी में खड़ी हो गईं। नगर के दलाल घाट, कदम घाट, गौरीशंकर घाट, सिधारी घाट, राजघाट, पुराना पुल आदि जगहों पर ऐसा ही नजारा रहा। भीड़ ऐसी जुटी कि चलना भी मुश्किल हो गया। जैसे ही अर्घ्य का समय आया, घाटों पर छठ माता के जयकारे गूंजने लगे। शाम के समय अरुण देव की लालिमा निहारते हुए महिलाओं ने मां षष्ठी का आह्वान किया। अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने के बाद कई घरों में छठ माता की कृपा पाने के लिए कोसी भरी गई। घर में किसी मांगलिक आयोजन या किसी मनौती के पूरी होने के बाद व्रती महिलाएं कोसी भरती हैं। माताओं ने कोसी पर दीप सजाकर मां की आराधना की। कोसी भरने में उपयोग में लाया जाने वाला दउरा सुबह छठ घाट पर जाता है जहां उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद वापस घर पहुंचकर फिर कोसी पूजन होता है। कोसी भराई के दौरान कई जगह बैंडबाजे की धुन पर व्रती महिलाएं छठ गीत गाती दिखीं। पूजा समितियों द्वारा घाटों पर आकर्षक सजावट की गई थी जो शाम होते ही माहौल को और सुंदर बना रही थी। डीजे पर बज रहे छठ मईया के गीत वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे।
विज्ञापन


पेट के बल लेटकर पहुंचे घाटों तक
आजमगढ़। छठ पूजा के रास्ते में बहुत से लोग ऐसे थे जिन्होंने छठ माता से मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर वह घर से लेकर घाट तक पेट के बल लेटते हुए पहुंचे। रास्ते में वह जहां से भी गुजरे लोगों ने उनके पैर छुए। बहुत से लोगों के बीच उक्त लोग उत्सुकता का केंद्र बने हुए थे।
विज्ञापन


पुलिस प्रशासन भी रहा मुश्तैद
आजमगढ़। छठ पूजा पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन काफी मुश्तैद नजर आया। जगह-जगह पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी। सादे भेष में भी पुलिस के जवान तैनात थे। महिला पुलिस कर्मी भी अपनी जिम्मेदारी का पूरी तरह से निर्वहन कर रहे थे। अधिकारी भी समय-समय पर निरीक्षण करते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेल्फी लेने वालों की लगी होड़
आजमगढ़। छह पूजा के दौरान घाटों पर व्रती महिलाओं के साथ परिवार के लोग भी पहुंचे। व्रती महिलाएं पानी में घुसकर षष्ठी मइया के ध्यान में मग्न थी तो परिवार के अन्य सदस्य इस खूबसूरत पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने और दोस्तों के साथ सेल्फी लेने में मशगूल थे।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed