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ठंड का कहर जारी, अस्त-व्यस्त हुआ जनजीवन
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:09 AM IST
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भीषण ठंड व गलन से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार को भी पूरे दिन धूप नहीं निकली, जिसके चलते लोग दिन भर ठंड से परेशान हुए। दोपहर तक आसमान में कोहरा छाया रहा। अलाव और हीटर के माध्यम से लोग शरीर को गर्म करने में जुटे रहे।
जबरदस्त गलन के चलते लोग घर से बाहर निकलना नहीं चाह रहे है। इसके बाद भी जरूरी कामों के चलते लोगों को घरों से बाहर निकलना ही पड़ रहा है। रिक्शा चालक, आटो चालक, राजगीर व मजदूरों का तो काफी बुरा हाल हो गया है। मजदूर वर्ग काम की तलाश में सुबह होते ही घरों से निकल जाता है और मजदूर मंडियों में पहुंच कर काम की तलाश करने लगता है। ठंड के इस मौसम के चलते काम भी कम हो गया है, कभी काम मिलता है तो कभी बैरंग ही उन्हें वापस लौटना पड़ता है। वहीं आम जनता की बात की जाए तो ठंड के इस मौसम में वो भी परेशान है। शुक्रवार को भी भगवान भास्कर का दीदार नहीं हुआ, जिसके चलते पूरे दिन सर्द हवाओं के झोंके ने लोगों को हिलाए रखा। शाम होते ही गलन ज्यादा बढ़ गई, जिसके चलते लोग घरों में दुबकने शुरू हो गए। शाम के छह बजते-बजते ही सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया था। पूरे दिन आसमान में जहां हल्का कोहरा छाया रहा तो शाम होते ही कोहरे की चादर भी घनी होना शुरू हो गई।
जरूरत भर नहीं जल रहा अलाव
आजमगढ़। शहर क्षेत्र में नगर पालिका परिषद द्वारा अलाव की व्यवस्था जरूर की गई है, लेकिन भीषण ठंड व गलन को देखते हुए वह नाकाफी साबित हो रहा है। शहर के कुछ क्षेत्रों में जहां अलाव की पर्याप्त व्यवस्था है तो वहीं बहुत से क्षेत्र ऐसे भी है जहां इक्का-दुक्का स्थानों पर ही अलाव जलवाए जा रहे है। मुख्य चौक, पुरानी सब्जीमंडी, कटरा, पुरानी कोतवाली, तकिया, कोट, कालीनगंज, बड़ादेव क्षेत्र में अलाव की नपा प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था कराई है, लेकिन सिविल लाइंस, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, नरौली, बेलाईसा आदि स्थानों पर इक्का-दुक्का स्थानों पर ही अलाव जलाए जा रहे है। कई प्रमुख चौराहे व तिराहे अब भी नपा के अलाव जलाए जाने की योजना से वंचित है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जल रहे अलाव
लाटघाट। कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है । वही चट्टी चौराहों पर जलने वाले अलाव नहीं दिख रहे हैं। बाजारों में लोग लकड़ी खरीद कर स्वयं जला रहे हैं। जबकि प्रशासन द्वारा अलाव जलाने की व्यवस्था है, फिर भी नही जल रहा है। पोस्ट ऑफिस, बैंक रोडवेज जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जाने की बड़ी आवश्यकता है। अलाव नहीं जलाए जाने के कारण बैंक, रोडवेज पर रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में कही भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है।
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जबरदस्त गलन के चलते लोग घर से बाहर निकलना नहीं चाह रहे है। इसके बाद भी जरूरी कामों के चलते लोगों को घरों से बाहर निकलना ही पड़ रहा है। रिक्शा चालक, आटो चालक, राजगीर व मजदूरों का तो काफी बुरा हाल हो गया है। मजदूर वर्ग काम की तलाश में सुबह होते ही घरों से निकल जाता है और मजदूर मंडियों में पहुंच कर काम की तलाश करने लगता है। ठंड के इस मौसम के चलते काम भी कम हो गया है, कभी काम मिलता है तो कभी बैरंग ही उन्हें वापस लौटना पड़ता है। वहीं आम जनता की बात की जाए तो ठंड के इस मौसम में वो भी परेशान है। शुक्रवार को भी भगवान भास्कर का दीदार नहीं हुआ, जिसके चलते पूरे दिन सर्द हवाओं के झोंके ने लोगों को हिलाए रखा। शाम होते ही गलन ज्यादा बढ़ गई, जिसके चलते लोग घरों में दुबकने शुरू हो गए। शाम के छह बजते-बजते ही सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया था। पूरे दिन आसमान में जहां हल्का कोहरा छाया रहा तो शाम होते ही कोहरे की चादर भी घनी होना शुरू हो गई।
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जरूरत भर नहीं जल रहा अलाव
आजमगढ़। शहर क्षेत्र में नगर पालिका परिषद द्वारा अलाव की व्यवस्था जरूर की गई है, लेकिन भीषण ठंड व गलन को देखते हुए वह नाकाफी साबित हो रहा है। शहर के कुछ क्षेत्रों में जहां अलाव की पर्याप्त व्यवस्था है तो वहीं बहुत से क्षेत्र ऐसे भी है जहां इक्का-दुक्का स्थानों पर ही अलाव जलवाए जा रहे है। मुख्य चौक, पुरानी सब्जीमंडी, कटरा, पुरानी कोतवाली, तकिया, कोट, कालीनगंज, बड़ादेव क्षेत्र में अलाव की नपा प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था कराई है, लेकिन सिविल लाइंस, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, नरौली, बेलाईसा आदि स्थानों पर इक्का-दुक्का स्थानों पर ही अलाव जलाए जा रहे है। कई प्रमुख चौराहे व तिराहे अब भी नपा के अलाव जलाए जाने की योजना से वंचित है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जल रहे अलाव
लाटघाट। कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है । वही चट्टी चौराहों पर जलने वाले अलाव नहीं दिख रहे हैं। बाजारों में लोग लकड़ी खरीद कर स्वयं जला रहे हैं। जबकि प्रशासन द्वारा अलाव जलाने की व्यवस्था है, फिर भी नही जल रहा है। पोस्ट ऑफिस, बैंक रोडवेज जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जाने की बड़ी आवश्यकता है। अलाव नहीं जलाए जाने के कारण बैंक, रोडवेज पर रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में कही भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है।