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आज नहीं निकलेगा आठ मुहर्रम का जुलूस
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:51 PM IST
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आजमगढ़। विजयादशी और मुहर्रम एक साथ पडने के कारण पूजा पांडलों और ताजियादारों की कोतवाली में हुई बैठक में नगर के सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों से वर्ता की। जिसमें शिया समुदाय के चेयरमैन अजादार हुसैन ने भाईचारे की मिशाल पेश करते हुए आठवीं मुहर्रम 29 सितंबर को जुलू नहीं निकाले जाने का निर्णय लिया।
क्यों इस दिन दशहरा की नवमी पड़ रही है और बाजार में काफी भीड़भाड़ भी रहती है। ताजियादारों द्वारा नौवी मुहर्रम को अर्थात 30 सितंबर को कटरा, कोट, तकिया और जामा मस्जिद से जो अखाड़े निकाले जाएगे, वह दशहरा त्योहार होने के कारण नहीं निकाले जाने का निर्णय लिया गया। दस मुहर्रम, एक अक्तूबर को चारो अखाड़े अपने-अपने स्थान से निकाले जाएगें। कोतवाली में हुई बैठक में अधिकारियों ने सभी पूजा पंडाल वालों से मुख्य मार्गो पर स्थिति प्रतिमाओं का विसर्जन 12 बजे तक कर दिए जाने को कहा गया है। ताकि मुहर्रम के त्योहार मनाए जाने में व्यवधान न पैदा हो।
अकीदत के साथ निकला साथ मुहर्रम का जुलूस
मेजवां (ब्यूरो)। फूलपुर कस्बे के कमर मियां चौक से सात मोहर्रम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान या अली मौला की सदाओं से पूरा नगर गूंज उठा। जुलूस में जुलजनाह, हजरत अब्बास का अलम और ताबूत की जियारत को बरामद किया गया। सैकडों की संख्या में लोगों ने फूल माला चढ़ाकर ने खिराजे अकीदत पेश की। जुलूस निकलने से पूर्व मजजिस का आयोजन किया गया। इसके बाद स्थानीय अंजुमन मासूमिया के साहिबे बयाज इंतेजार हुसैन, वसीउल हसन, अरमान और शारिब ने नौहा पेश किया। दो स्थानों पर तकरीरें आयोजित की गईं। तकरीर में इमाम हुसैन का मसायब सुन अजादार रो पडे। अंजुमनों की ओर से किए गए मातम की सदाएं और या अली मौला से पूरा क्षे़त्र गूंज उठा। जुलूस मछली मार्केट होता हुआ मेन रोड पर पहुचां जहां अंजुमनों ने नौहा पेश किया। जुलूस फूलपुर देहात होते हुए करबला पहुंचा जहां जुलूस का समापन किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस के साथ उपजिलाधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता, कोतवाल रामायण सिंह चल रहे थे।
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ढोल और ताशों के साथ निकाला जुलूस
सगड़ी (ब्यूरो)। नगर पंचायत जीयनपुर के कुरैशनगर से गुरुवार को सात मुहर्रम का जुलूस ढोल और ताशों के साथ निकाला गया। जुलूस विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जीयनपुर चौक पर पहुंचा। यहां नोहाख्वानी के साथ मातम किया गया। जुलूस विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए कर्बला के मैदान में पहुंचा। हां से वापस कुरैश मुहल्ले में आकर समाप्त हो गया। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए कोतवाल संजय सिंह कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवान के साथ मौजूद थे। जुलूस के मद्देनजर रूट डायवर्जन भी किया गया था। आजमगढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को अंजान शहीद, पकवाइनार, रजादेपुर होते हुए गोरखपुर की ओर निकाला गया। गोरखपुर से आने वाले वाहनों को भी इसी रूट से निकाला गया।
आग पर चले, जंजीरों का मात किया
अमिलो (ब्यूरो)। ब्लाक सठियांव के कस्बा सराय गांव में बुधवार की रात शाहीदाने कर्बला की याद में अंजुमन हैदरी के सदस्यों ने आग पर चल कर जंजीरों का मातम किया। कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस से हुई। मौलाना फ़िदा हुसैन ने वाकेयाते कर्बला बयान किए, जिसे सुनकर लोगों की आंखे नम हो गईं। इसके बाद अंजुमन हैदरी ने नौहाख्वानी और सीनाजनी किया। अंत में आग पर चलकर जंजीर का मातम किया। मुख्य रूप से सफिक हैदर, नसीम हैदर, रिजवान, मासूम रजा, कर्रार, बसन रहबर आदि लोग शामिल थे ।
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क्यों इस दिन दशहरा की नवमी पड़ रही है और बाजार में काफी भीड़भाड़ भी रहती है। ताजियादारों द्वारा नौवी मुहर्रम को अर्थात 30 सितंबर को कटरा, कोट, तकिया और जामा मस्जिद से जो अखाड़े निकाले जाएगे, वह दशहरा त्योहार होने के कारण नहीं निकाले जाने का निर्णय लिया गया। दस मुहर्रम, एक अक्तूबर को चारो अखाड़े अपने-अपने स्थान से निकाले जाएगें। कोतवाली में हुई बैठक में अधिकारियों ने सभी पूजा पंडाल वालों से मुख्य मार्गो पर स्थिति प्रतिमाओं का विसर्जन 12 बजे तक कर दिए जाने को कहा गया है। ताकि मुहर्रम के त्योहार मनाए जाने में व्यवधान न पैदा हो।
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अकीदत के साथ निकला साथ मुहर्रम का जुलूस
मेजवां (ब्यूरो)। फूलपुर कस्बे के कमर मियां चौक से सात मोहर्रम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान या अली मौला की सदाओं से पूरा नगर गूंज उठा। जुलूस में जुलजनाह, हजरत अब्बास का अलम और ताबूत की जियारत को बरामद किया गया। सैकडों की संख्या में लोगों ने फूल माला चढ़ाकर ने खिराजे अकीदत पेश की। जुलूस निकलने से पूर्व मजजिस का आयोजन किया गया। इसके बाद स्थानीय अंजुमन मासूमिया के साहिबे बयाज इंतेजार हुसैन, वसीउल हसन, अरमान और शारिब ने नौहा पेश किया। दो स्थानों पर तकरीरें आयोजित की गईं। तकरीर में इमाम हुसैन का मसायब सुन अजादार रो पडे। अंजुमनों की ओर से किए गए मातम की सदाएं और या अली मौला से पूरा क्षे़त्र गूंज उठा। जुलूस मछली मार्केट होता हुआ मेन रोड पर पहुचां जहां अंजुमनों ने नौहा पेश किया। जुलूस फूलपुर देहात होते हुए करबला पहुंचा जहां जुलूस का समापन किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस के साथ उपजिलाधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता, कोतवाल रामायण सिंह चल रहे थे।
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ढोल और ताशों के साथ निकाला जुलूस
सगड़ी (ब्यूरो)। नगर पंचायत जीयनपुर के कुरैशनगर से गुरुवार को सात मुहर्रम का जुलूस ढोल और ताशों के साथ निकाला गया। जुलूस विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जीयनपुर चौक पर पहुंचा। यहां नोहाख्वानी के साथ मातम किया गया। जुलूस विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए कर्बला के मैदान में पहुंचा। हां से वापस कुरैश मुहल्ले में आकर समाप्त हो गया। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए कोतवाल संजय सिंह कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवान के साथ मौजूद थे। जुलूस के मद्देनजर रूट डायवर्जन भी किया गया था। आजमगढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को अंजान शहीद, पकवाइनार, रजादेपुर होते हुए गोरखपुर की ओर निकाला गया। गोरखपुर से आने वाले वाहनों को भी इसी रूट से निकाला गया।
आग पर चले, जंजीरों का मात किया
अमिलो (ब्यूरो)। ब्लाक सठियांव के कस्बा सराय गांव में बुधवार की रात शाहीदाने कर्बला की याद में अंजुमन हैदरी के सदस्यों ने आग पर चल कर जंजीरों का मातम किया। कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस से हुई। मौलाना फ़िदा हुसैन ने वाकेयाते कर्बला बयान किए, जिसे सुनकर लोगों की आंखे नम हो गईं। इसके बाद अंजुमन हैदरी ने नौहाख्वानी और सीनाजनी किया। अंत में आग पर चलकर जंजीर का मातम किया। मुख्य रूप से सफिक हैदर, नसीम हैदर, रिजवान, मासूम रजा, कर्रार, बसन रहबर आदि लोग शामिल थे ।