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Azamgarh News: 1.83 लाख किसान होंगे सम्मान निधि से वंचित
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आजमगढ़। पीएम किसान सम्मान निधि के लिए जिले में 754763 किसान पंजीकृत हैं। योजना का लाभ लेते रहने के लिए इनको ई केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसके लिए विभाग अभियान भी चला रहा है। इसके बाद भी जनपद में लगभग 1.83 लाख ऐसे किसान हैं जिनकी ई केवाईसी पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में इनके खातों में सम्मान निधि की 15वीं किस्त नहीं पहुंच पाएगी।
दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को केंद्र सरकार ने सालाना छह हजार रुपये दिए जाने का वादा किया था। मार्च 2019 से योजना के तहत पंजीकरण कराएं किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये जाने भी लगे। वर्तमान समय में जिले की आठ तहसीलों में 754763 पंजीकृत हैं। बाद में सरकार ने खातों का ई केवाईसी करानेे के साथ ही पीएम सम्मान निधि पोर्टल पर किसानों का भूमि अंकन व खातों का एनपीसीआई लिंक कराना अनिवार्य कर दिया। जिन किसानों ने यह प्रक्रिया पूरी करा लिया है उनके खातों में सम्मान निधि की हर किस्त पहुंच रही है, लेकिन जिनका नहीं हो पाया वह हर रोज विभाग और बैंकों का चक्कर काट रहे हैं। शासन के निर्देश ब्लाक पर स्थित राजकीय बीज गोदामों और कृषि भवन में किसानों की समस्या के समाधान के लिए हेल्प डेस्क बनाया बना है। वहां से भी किसानों को निराश ही लौटना पड़ रहा है। अभी 76 प्रतिशत ई केवाईसी का काम पूरा हो पाया है। 24 प्रतिशत किसान योजना का लाभ लेने के लिए भटक रहे हैं।
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तहलील- किसान संख्या- ई केवाईसी पूर्ण- अपूर्ण
सदर- 142829- 104429- 38400
बूढ़नपुर- 84099- 66200- 17899
लालगंज- 90600- 69001- 21599
मार्टीनगंज- 56006- 41745- 14261
मेंहनगर- 89695- 68453- 21242
निजामाबाद- 81707- 60474- 21233
फूलपुर- 71716- 54834- 16882
सगड़ी- 138111- 105967- 32144
कुल- 754763- 571103- 183660
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योजना के तहत पंजीकृत किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि भवन में हेल्प डेस्क बना है। किसानों को खाते का ई केवाईसी के साथ ही एनपीसीआई से लिंक कराना व सम्मान निधि पोर्टल् पर भूमि अंकन होना अनिवार्य है। जिन किसानों की यह प्रक्रिया पूरी रहेगी उन्हीं के खातों में सम्मान निधि की किस्त जाएगी। - मुकेश कुमार, उप कृषि निदेशक।
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दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को केंद्र सरकार ने सालाना छह हजार रुपये दिए जाने का वादा किया था। मार्च 2019 से योजना के तहत पंजीकरण कराएं किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये जाने भी लगे। वर्तमान समय में जिले की आठ तहसीलों में 754763 पंजीकृत हैं। बाद में सरकार ने खातों का ई केवाईसी करानेे के साथ ही पीएम सम्मान निधि पोर्टल पर किसानों का भूमि अंकन व खातों का एनपीसीआई लिंक कराना अनिवार्य कर दिया। जिन किसानों ने यह प्रक्रिया पूरी करा लिया है उनके खातों में सम्मान निधि की हर किस्त पहुंच रही है, लेकिन जिनका नहीं हो पाया वह हर रोज विभाग और बैंकों का चक्कर काट रहे हैं। शासन के निर्देश ब्लाक पर स्थित राजकीय बीज गोदामों और कृषि भवन में किसानों की समस्या के समाधान के लिए हेल्प डेस्क बनाया बना है। वहां से भी किसानों को निराश ही लौटना पड़ रहा है। अभी 76 प्रतिशत ई केवाईसी का काम पूरा हो पाया है। 24 प्रतिशत किसान योजना का लाभ लेने के लिए भटक रहे हैं।
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तहलील- किसान संख्या- ई केवाईसी पूर्ण- अपूर्ण
सदर- 142829- 104429- 38400
बूढ़नपुर- 84099- 66200- 17899
लालगंज- 90600- 69001- 21599
मार्टीनगंज- 56006- 41745- 14261
मेंहनगर- 89695- 68453- 21242
निजामाबाद- 81707- 60474- 21233
फूलपुर- 71716- 54834- 16882
सगड़ी- 138111- 105967- 32144
कुल- 754763- 571103- 183660
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योजना के तहत पंजीकृत किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि भवन में हेल्प डेस्क बना है। किसानों को खाते का ई केवाईसी के साथ ही एनपीसीआई से लिंक कराना व सम्मान निधि पोर्टल् पर भूमि अंकन होना अनिवार्य है। जिन किसानों की यह प्रक्रिया पूरी रहेगी उन्हीं के खातों में सम्मान निधि की किस्त जाएगी। - मुकेश कुमार, उप कृषि निदेशक।
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