फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   घाघरा स्थिर लेकिन कटान हुई तेज

घाघरा स्थिर लेकिन कटान हुई तेज

Fri, 03 Aug 2018 11:52 PM IST
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
घाघरा स्थिर लेकिन कटान हुई तेज
लाटघाट। विगत कई दिनों तक देवारावासियों को दहलाने के बाद शुक्रवार को घाघरा स्थिर हो गई। हालांकि बदरहुंआ में चार सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई लेकिन डिघिया में कोई बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं हुई। नदी डिघिया नाले पर अभी भी लाल निशान से एक सेमी ऊपर बह रही है। वहीं नदी ने सेमरी गांव को अपने निशान पर ले रखा है। गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के अस्तित्व पर खतरा मड़रा रहा है। सगड़ी तहसील के देवारा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी विगत दिनों से देवारावासियों को दहलाने के बाद स्थिर हो गई है। लेकिन नदी की कटान तेज हो गई है जिसने देवारावासियों की धड़कन को बढ़ा दिया है। बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर गुरुवार को 71.24 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को चार सेमी बढ़कर 71.28 मीटर पर पहुंच गया। डिघिया नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 70.41 मीटर दर्ज किया गया था शुक्रवार को इसमें कोई बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं की गई। लेकिन यहां पर नदी खतरा बिंदू से एक सेमी ऊपर बह रही है। बदरहुंआ नाले पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर और डिघिया नाले पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। जलस्तर स्थिर होते ही सेमरी गांव में नदी की कटान तेज हो गई है। नदी के रौद्र रूप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सेमरी गांव के केवटहिया पुरवे का अस्तित्व समाप्त करने पर नदी आतुर है। नदी के मुहाने पर प्राथमिक विद्यालय सेमरी, केवटहिया बस्ती के एक दर्जन लोग और देवारा खास राजा गांव के सजगू, रामप्रकाश, राम लखन और बहादुर का घर हैं। कभी भी यह घर और स्कूल घाघरा नदी में समाहित हो सकते हैं। गुरुवार को करीब 50 बीघा कृषि योग्य भूमि घाघरा में विलीन हो गई। वहीं प्राइमरी विद्यालय सेमरी मुहाने पर है। स्कूल की बाउंड्री के पास घाघरा की धारा बह रही है। ग्राम प्रधान दशरथ निषाद ने कहा कि इसी तरह कटान होती रही तो हमारे गांव सेमरी के केवट बस्ती का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। प्राथमिक विद्यालय अस्तित्व विहीन हो जाएगा। सबसे दुखद बात यह है कि कटान होकर विस्थापित हो रहे लोगों का बुरा हाल है। दिन में लगातार बारिश हो रही है ।रात के अंधेरे में तीरपाल डालकर लोग जी रहे हैं। किरासन तेल नहीं मिला, राशन मुहैया नहीं हो पा रहा है। लोगों को मजबूरी में बंधे पर जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है। चार दिन पूर्व उप जिलाधिकारी सगड़ी पंकज श्रीवास्तव लोगों को पॉलिथीन और राशन वितरण करवाया था। जो चार दिन में खत्म हो गया बाकी के लोग अभी भी उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed