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बाढ़ के कारण 41 विद्यालयों के 4070 बच्चे शिक्षा से वंचित
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:03 AM IST
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लाटघाट। परिषदीय विद्यालयों में अर्द्घवार्षिक परीक्षा का समय नजदीक आ रहा है। लेकिन अभी तक परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पूरी किताब उपलब्ध नहीं हो पाई है। वहीं जनपद के देवारा क्षेत्र में बाढ़ के कारण 41 विद्यालय बंद चल रहे हैं। जिसके कारण 4070 बच्चों की पढ़ाई बाधित है।
सगड़ी तहसील के देवारा क्षेत्र में जहां ग्रामीण बाढ़ की समस्या से पीड़ित होकर बंधों, स्कूलों और अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। उनके बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। क्षेत्र के 41 विद्यालयों में विगत 10 अगस्त से ताला लटक रहा है। जिसमें हरैया विकास खंड के 27 और महराजगंज विकास खंड के 14 विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में 4070 बच्चें पंजीकृत हैं। इन्हें शिक्षित करने की जिम्मेदारी 94 शिक्षकों के कंधों पर है। इन बच्चों को न तो ड्रेस मिल सका है और ना ही किताब। क्योंकि बाढ़ के कारण विद्यालय में ताला बंद होने से न तो अध्यापक स्कूल पहुंच रहे हैं और ना ही बच्चे। अर्द्घवार्षिक परीक्षा भी नजदीक है। ऐसे में बच्चों की तैयारी किस प्रकार से होगी इस बात की चिंता अभिभावकों को सता रही है। खंड शिक्षा अधिकारी हरैया जनार्दन और महराजगंज रामकुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण विद्यालय बंद चल रहे हैं। बाढ़ का पानी हटने के बाद जब विद्यालय खुलेंगे तो बच्चों में ड्रेस और किताबों का वितरण कर दिया जाएगा।
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सगड़ी तहसील के देवारा क्षेत्र में जहां ग्रामीण बाढ़ की समस्या से पीड़ित होकर बंधों, स्कूलों और अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। उनके बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। क्षेत्र के 41 विद्यालयों में विगत 10 अगस्त से ताला लटक रहा है। जिसमें हरैया विकास खंड के 27 और महराजगंज विकास खंड के 14 विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में 4070 बच्चें पंजीकृत हैं। इन्हें शिक्षित करने की जिम्मेदारी 94 शिक्षकों के कंधों पर है। इन बच्चों को न तो ड्रेस मिल सका है और ना ही किताब। क्योंकि बाढ़ के कारण विद्यालय में ताला बंद होने से न तो अध्यापक स्कूल पहुंच रहे हैं और ना ही बच्चे। अर्द्घवार्षिक परीक्षा भी नजदीक है। ऐसे में बच्चों की तैयारी किस प्रकार से होगी इस बात की चिंता अभिभावकों को सता रही है। खंड शिक्षा अधिकारी हरैया जनार्दन और महराजगंज रामकुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण विद्यालय बंद चल रहे हैं। बाढ़ का पानी हटने के बाद जब विद्यालय खुलेंगे तो बच्चों में ड्रेस और किताबों का वितरण कर दिया जाएगा।
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