{"_id":"5c0d5d60bdec2241871ffad5","slug":"171544379744-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरित कचरे से पहले बनेगा भोजन, बाद में वेस्ट से बनेगी खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरित कचरे से पहले बनेगा भोजन, बाद में वेस्ट से बनेगी खाद
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। स्वच्छता मुहिम में राजकीय इंजीनियरिंग कालेज लालगंज ने भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पहल की है। योजना के तहत जिला प्रशासन की ओर से चयनित गांवों में बायो डायजेस्टर किट वितरित किए जाएंगे। इस संयंत्र से घर से निकलने वाले हरे कचरे से चूल्हा जलाकर दो घंटे तक खाना बनाया जा सकेगा। इससे जो वेस्ट निकलेगा, उससे कंपोस्ट बनाकर खेतों में प्रयोग किया जा सकेगा। इसी के साथ उन्नत भारत योजना के तहत पांच गांवों को गोद लेकर उन्हें मॉडल बनाया जाएगा। इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए 19 दिसंबर को बैठक भी बुलाई गई है। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज की ओर से केंद्र सरकार के उन्नत भारत योजना के तहत पांच गांवों को माडल भी बनाया जाएगा। गांवों के चयन में जिलाधिकारी से सहयोग मांगा गया है। चयनित गांवों में इच्छुक ग्रामीणों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाएगी। स्वरोजगार के गुर सिखाएं जाएंगे। लोगों के जीवन के स्तर को सुधारा जाएगा। गांवों में तीन सार्वजनिक शौचालय ब्लॉक बनाए जाएंगे। मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम स्कूलों में चलाया जाएगा। स्कूल में पानी प्यूरीफायर स्थापित किए जाएंगे।
दो स्तर पर होगा हरित कचरे का प्रयोग
आजमगढ़। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज की ओर से चयनित बायो डायजेस्टर किट में पहले इस कचरे का प्रयोग कर खाना बनाया जाएगा। हरी सब्जी के वेस्ट, बचा खाना, गोबर जैसे हरित कचरे को 20 लीटर के इस किट में डाला जाएगा। साथ में एक बायो मैटेरियल डालना होगा। इससे निकलने वाली गैस से खाना बनाया जा सकेगा। इसके बाद जो वेस्ट निकलेगा, उससे कंपोस्ट बनाकर उसका प्रयोग खेतों में किया जा सकता है। फिलहाल इस किट का उत्पादन नोएडा और गाजियाबाद में हो रहा है। अभी इसकी कीमत 20 हजार के आसपास है। इसे 30 लीटर में विकसित कर मूल्य में कमी करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही केंद्र सरकार से सब्सिडी की मांग भी की गई है। सांसद नीलम सोनकर और जिलाधिकारी शिवांकात द्विवेदी ने भी इसे अनुसूचित बहुल गांवों में वितरित कराने और अपने स्तर से सहयोग करने की बात कही है। इसकी रणनीति 19 दिसंबर को होने वाली बैठक में बनाई जाएगी।
एक सप्ताह से एक माह तक के सर्टीफिकेट कोर्स
आजमगढ़। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में सेंटर फार अल्टरनेट एंड रीन्यूवल एनर्जी संस्था की स्थापना भी की गई है। ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को सोलर एनर्जी के बारे में शिक्षा भी दी जाएगी। कालेज में एक सप्ताह से एक माह तक का सर्टीफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। ये कोर्स मई तक शुरू हो जाएंगे। ग्रामीण में भौतिक विज्ञान में एमएससी और बीएससी कई युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। इस कोर्स के बाद उन्हें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त होगा। नेडा के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन
बायो मैटेरियल से दूर होगा जल प्रदूषण
आजमगढ़। बायो डायजेस्टर किट बनाने वाले संस्थान ने जल प्रदूषण के नियंत्रण के लिए भी एक बायो मैटेरियल तैयार किया है। 20 से 30 रुपये में मिलने वाले पांच किलो तक के इस पैकेट के छिढ़काव से एकत्र गंदे पानी के छोटे किटाणु आपने आप मर जाते हैं। पानी के अंदर के अपशिष्ट का प्रबंधन भी होता है। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज ने इसका प्रयोग अपने संस्थान में किया है। नतीजा भी सही मिला है। इसे बायो मैटेरियल का प्रयोग तमसा नदी में मिलने वाले नालो के अप स्ट्रीम में करने की योजना है।
स्मार्ट मॉडल गांव, ठोस अपशिष्ट और अपशिष्ट जल प्रबंधन केंद्र के रूप में जनपद को विकसित करने के लिए लेकर डीएम के साथ राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की बैठक हो चुकी है। जैविक खेती और अपशिष्ट प्रबंधन पर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में किसानों के प्रशिक्षण के लिए 1 9 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है। - एसपी पांडेय, प्रिंसिपल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रस्ताव मिला है। स्मार्ट मॉडल गांव, ठोस अपशिष्ट और अपशिष्ट जल प्रबंधन के प्रबंधन के बारे में उनका प्रस्ताव काबिले तारीफ है। उनसे विस्तृत प्रस्ताव मांगा गया है। प्रशिक्षण के लिए 1 9 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है। जल्द इस पर कार्य शुरू किया जाएगा।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी
विज्ञापन
दो स्तर पर होगा हरित कचरे का प्रयोग
आजमगढ़। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज की ओर से चयनित बायो डायजेस्टर किट में पहले इस कचरे का प्रयोग कर खाना बनाया जाएगा। हरी सब्जी के वेस्ट, बचा खाना, गोबर जैसे हरित कचरे को 20 लीटर के इस किट में डाला जाएगा। साथ में एक बायो मैटेरियल डालना होगा। इससे निकलने वाली गैस से खाना बनाया जा सकेगा। इसके बाद जो वेस्ट निकलेगा, उससे कंपोस्ट बनाकर उसका प्रयोग खेतों में किया जा सकता है। फिलहाल इस किट का उत्पादन नोएडा और गाजियाबाद में हो रहा है। अभी इसकी कीमत 20 हजार के आसपास है। इसे 30 लीटर में विकसित कर मूल्य में कमी करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही केंद्र सरकार से सब्सिडी की मांग भी की गई है। सांसद नीलम सोनकर और जिलाधिकारी शिवांकात द्विवेदी ने भी इसे अनुसूचित बहुल गांवों में वितरित कराने और अपने स्तर से सहयोग करने की बात कही है। इसकी रणनीति 19 दिसंबर को होने वाली बैठक में बनाई जाएगी।
विज्ञापन
एक सप्ताह से एक माह तक के सर्टीफिकेट कोर्स
आजमगढ़। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में सेंटर फार अल्टरनेट एंड रीन्यूवल एनर्जी संस्था की स्थापना भी की गई है। ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को सोलर एनर्जी के बारे में शिक्षा भी दी जाएगी। कालेज में एक सप्ताह से एक माह तक का सर्टीफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। ये कोर्स मई तक शुरू हो जाएंगे। ग्रामीण में भौतिक विज्ञान में एमएससी और बीएससी कई युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। इस कोर्स के बाद उन्हें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त होगा। नेडा के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन
बायो मैटेरियल से दूर होगा जल प्रदूषण
आजमगढ़। बायो डायजेस्टर किट बनाने वाले संस्थान ने जल प्रदूषण के नियंत्रण के लिए भी एक बायो मैटेरियल तैयार किया है। 20 से 30 रुपये में मिलने वाले पांच किलो तक के इस पैकेट के छिढ़काव से एकत्र गंदे पानी के छोटे किटाणु आपने आप मर जाते हैं। पानी के अंदर के अपशिष्ट का प्रबंधन भी होता है। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज ने इसका प्रयोग अपने संस्थान में किया है। नतीजा भी सही मिला है। इसे बायो मैटेरियल का प्रयोग तमसा नदी में मिलने वाले नालो के अप स्ट्रीम में करने की योजना है।
स्मार्ट मॉडल गांव, ठोस अपशिष्ट और अपशिष्ट जल प्रबंधन केंद्र के रूप में जनपद को विकसित करने के लिए लेकर डीएम के साथ राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की बैठक हो चुकी है। जैविक खेती और अपशिष्ट प्रबंधन पर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में किसानों के प्रशिक्षण के लिए 1 9 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है। - एसपी पांडेय, प्रिंसिपल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रस्ताव मिला है। स्मार्ट मॉडल गांव, ठोस अपशिष्ट और अपशिष्ट जल प्रबंधन के प्रबंधन के बारे में उनका प्रस्ताव काबिले तारीफ है। उनसे विस्तृत प्रस्ताव मांगा गया है। प्रशिक्षण के लिए 1 9 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है। जल्द इस पर कार्य शुरू किया जाएगा।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी