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देश से कभी खत्म नहीं हो सकता है लोकतंत्र
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:23 AM IST
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आजमगढ़। तमाम हमलों के बावजूद लोकतंत्र खत्म नहीं हो सकता, क्योंकि यह देश मजबूत संस्थाओं के बल पर खड़ा है। वर्तमान केंद्र सरकार इन संस्थाओं को कमजोर करने की कुत्सित प्रयास कर रही है, लेकिन जब-जब इन्हें कमजोर करने का प्रयास किया गया है। यह संस्थाएं और मजबूत होकर उभरी हैं। उक्त बातें तमसा पत्रकार सभागार में लोकबन्धु राजनारायण की 101वीं जयन्ती पर हुई संगोष्ठी में समाजवादी चिंतक जयशंकर गुप्त ने कहीं।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के समय संघ के लोग माफीनामा लिखकर दे रहे थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। वीर सावरकर अंग्रेजों को माफीनामा देकर आजाद हुए। आज उन्हीं के अनुयायी देशभक्ति के सर्टिफिकेट बांटते फिर रहे हैं। आज अगर राजनारायण जी जिंदा होते तो राफेल जैसे भ्रष्टाचार पर चुप नहीं बैठते और सड़कों पर तूफान खड़ा कर देते। उदयभान तिवारी ने कहाकि आरएसएस की विचारधारा पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। कार्यक्रम को डा. प्रज्ञा सिंह, ज्ञान प्रकाश दुबे, हरिश्चन्द पांडेय, जितेन्द्र राय, रामसिंह, जुल्फेकार अहमद, डा. बद्रीनाथ, अशफाक बावर, डा. रमेश मौर्य आदि लोगों ने भी संबोधित किया। संयोजक विजय बहादुर राय ने अतिथियों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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उन्होंने कहा कि आपातकाल के समय संघ के लोग माफीनामा लिखकर दे रहे थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। वीर सावरकर अंग्रेजों को माफीनामा देकर आजाद हुए। आज उन्हीं के अनुयायी देशभक्ति के सर्टिफिकेट बांटते फिर रहे हैं। आज अगर राजनारायण जी जिंदा होते तो राफेल जैसे भ्रष्टाचार पर चुप नहीं बैठते और सड़कों पर तूफान खड़ा कर देते। उदयभान तिवारी ने कहाकि आरएसएस की विचारधारा पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। कार्यक्रम को डा. प्रज्ञा सिंह, ज्ञान प्रकाश दुबे, हरिश्चन्द पांडेय, जितेन्द्र राय, रामसिंह, जुल्फेकार अहमद, डा. बद्रीनाथ, अशफाक बावर, डा. रमेश मौर्य आदि लोगों ने भी संबोधित किया। संयोजक विजय बहादुर राय ने अतिथियों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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