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अभिलेख न मिलने से लटका गोमाडीह और उबारपुर का मुआवजा वितरण
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:20 AM IST
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आजमगढ़। अभिलेख न मिलने से वाराणसी से लुंबिनी तक जा रहे फोरलेन एनएच-223 के लिए जमीन अधिग्रहण में दो गांव का पेच फंसा हुआ है। लगभग नौ किमी हाईवे के इस मामले के निस्तारण के जिलाधिकारी ने सीआरओ और एसओसी को दोनों गांव में कैंप कर मामला हल करने के निर्देश दिए हैं। जमीनों के अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण किसानों में मुआवजा वितरण करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
वाराणसी से लुंबिनी तक जा रहे एनएच-233 में लालगंज तहसील से लगभग अधिग्रहण पूरा हो चुका है। सरकार की ओर से एलाट किए गए 3265 करोड़ रुपये में 3080 करोड़ रुपये मुआवजे के लिए जारी किए जा चुके हैं। 400 किलोमीटर के इस हाईवे में 391 किमी के लिए जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। हाईवे में गोमाडीह और उबारपुर गांव के किसानों की भी जमीन आ रही है। इन किसानों को अधिग्रहण की जद में आ रही जमीनों का मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन उनके मालिकों की तलाश में अभिलेखों की छानबीन करने में जुटा हुआ है। अभिलेख न मिलने से जमीन के मालिकों को खोजना मुश्किल हो गया। नौ किमी हाईवे का काम प्रभावित था। इसे देखते जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा और एसओसी श्रीप्रकाश राय को गांव में कैंप लगाकर दोनों गांवों के किसानों में मुआवजे का वितरण करने का निर्देश दिया है। दो दिन में 80 फीसदी मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के पास 184 करोड़ मुआवजे की धनराशि शेष पड़ी है। इसमें सिर्फ 67 करोड़ रुपये जारी करने है। शेष धनराशि शासन को वापस कर दी जाएगी।
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जिलाधिकारी ने दोनों गांवों में कैंप लगाकर मुआवजा वितरित करने का निर्देश दिया है। जिसके तहत शनिवार को उबार गांव में कैंप लगाकर मुआवजे का वितरण किया जाएगा। इसके बाद किसी दिन समय निर्धारित कर गोमाडीह गांव के किसानों में भी मुआवजे का वितरण कैंप में किया जाएगा।
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आलोक कुमार वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी।
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वाराणसी से लुंबिनी तक जा रहे एनएच-233 में लालगंज तहसील से लगभग अधिग्रहण पूरा हो चुका है। सरकार की ओर से एलाट किए गए 3265 करोड़ रुपये में 3080 करोड़ रुपये मुआवजे के लिए जारी किए जा चुके हैं। 400 किलोमीटर के इस हाईवे में 391 किमी के लिए जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। हाईवे में गोमाडीह और उबारपुर गांव के किसानों की भी जमीन आ रही है। इन किसानों को अधिग्रहण की जद में आ रही जमीनों का मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन उनके मालिकों की तलाश में अभिलेखों की छानबीन करने में जुटा हुआ है। अभिलेख न मिलने से जमीन के मालिकों को खोजना मुश्किल हो गया। नौ किमी हाईवे का काम प्रभावित था। इसे देखते जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा और एसओसी श्रीप्रकाश राय को गांव में कैंप लगाकर दोनों गांवों के किसानों में मुआवजे का वितरण करने का निर्देश दिया है। दो दिन में 80 फीसदी मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के पास 184 करोड़ मुआवजे की धनराशि शेष पड़ी है। इसमें सिर्फ 67 करोड़ रुपये जारी करने है। शेष धनराशि शासन को वापस कर दी जाएगी।
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जिलाधिकारी ने दोनों गांवों में कैंप लगाकर मुआवजा वितरित करने का निर्देश दिया है। जिसके तहत शनिवार को उबार गांव में कैंप लगाकर मुआवजे का वितरण किया जाएगा। इसके बाद किसी दिन समय निर्धारित कर गोमाडीह गांव के किसानों में भी मुआवजे का वितरण कैंप में किया जाएगा।
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आलोक कुमार वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी।