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प्रधानमन्त्री आवास और मनरेगा की प्रगति फिर मिली कम
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:58 AM IST
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आजमगढ़। कमिश्नर जगतराज ने मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रगति में समीक्षा की। इसमें अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर असंतोष जताया। तीनों जनपद के सीडीओ को ग्राम्य विकास की इन योजनाओं में व्यक्तिगत ध्यान अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित कराने को कहा। गत दिनों भी समीक्षा में प्रगति खराब पाई गयी थी। मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन में राज्य औसत 106 है। इसके सापेक्ष आजमगढ़ में 86 प्रतिशत, बलिया में 76 प्रतिशत और मऊ में 86 प्रतिशत रोजगार सृृजन किया गया है। राज्य स्तरीय रैंकिंग में आजमगढ़ 56वें, बलिया 71वें और मऊ 57वें स्थान पर है। वर्ष 2017-18 में जारी मस्टररोल का 15 दिनों में भुगतान नहीं किए जाने कारण राज्य औसत 35.93 प्रतिशत के सापेक्ष आजमगढ़ में 42.74 प्रतिशत, बलिया 59.32 प्रतिशत और मऊ 40.37 प्रतिशत भुगतान विलंबित है। इसके कारण राज्य स्तरीय रैंकिंग में आजमगढ़, बलिया और मऊ क्रमश: 53वें, 73वें और 48वें स्थान पर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आजमगढ़ में वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लक्षित कुल 21110 आवासों के सापेक्ष अब तक 20418 पूर्ण व 692 अपूर्ण हैं। आधार सीडिंग 92 प्रतिशत ही हुई है। बलिया में इन वर्षों के लक्षित कुल 14441 आवासों में 13684 पूर्ण और 757 अपूर्ण हैं। आधार सीडिंग पूर्व की भांति 89 प्रतिशत बनी है। इसी प्रकार जनपद मऊ में इन वर्षों के कुल 10163 आवास बनाए जाने थे। इसमें अब तक 9810 आवास पूर्ण कराए गए हैं। 85 प्रतिशत की ही आधार सीडिंग हुई है। अक्टूबर तक शत प्रतिशत लाभार्थियों को तृतीय किस्त अवमुक्त कर दी जानी थी, लेकिन आजमगढ़ में अब तक 86 प्रतिशत को द्वितीय और 19 प्रतिशत को तृृतीय किस्त, बलिया में 87 प्रतिशत को द्वितीय और 21 प्रतिशत को तृृतीय किस्त, मऊ में 89 प्रतिशत लाभार्थियों को द्वितीय और 34 प्रतिशत लाभार्थियों को तृृतीय किस्त निर्गत की गई है। सभी सीडीओ को व्यक्तिगत ध्यान देकर अपेक्षित प्रगति लाने के लिए निर्देशित किया गया है।
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