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विलुप्त विधा को जिंदा करने का प्रयास
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:24 PM IST
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कथक की बारीकि यां सिखेंगे बच्चे
आजमगढ़। कथक विधा को नई पीढ़ी में लोकप्रिय करने के लिए न्यू कला केंद्र समिति की ओर से कत्थक नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें छह वर्ष से 13 वर्ष तक के बच्चों को इस शैली के नृत्य की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि ऋचा सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी पहल है। समिति की सचिव विभा गोयल ने कहा कि यह कला बच्चों के बीच समाप्त होती जा रही है। इसे आगे बढ़ाने के लिए इस कार्यशाला की शुरूआत की गई है। प्रशिक्षिका रंजना मिश्रा ने बताया कि यह हमारी संस्कृति की बहुत ही मनमोहक कला है। सबको इस बारे में जानना जरूरी है। इस मौके पर बबिता राय, डा. नेहा, मीतू अग्रवाल, जूही गुप्ता, आकाश अग्रवाल, कमलेश सोनकर, वंदना गोयल, विकास गोयल, नीलांबुज गुप्ता, गौरव मौर्या आदि उपस्थित थे। ब्यूरो
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आजमगढ़। कथक विधा को नई पीढ़ी में लोकप्रिय करने के लिए न्यू कला केंद्र समिति की ओर से कत्थक नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें छह वर्ष से 13 वर्ष तक के बच्चों को इस शैली के नृत्य की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि ऋचा सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी पहल है। समिति की सचिव विभा गोयल ने कहा कि यह कला बच्चों के बीच समाप्त होती जा रही है। इसे आगे बढ़ाने के लिए इस कार्यशाला की शुरूआत की गई है। प्रशिक्षिका रंजना मिश्रा ने बताया कि यह हमारी संस्कृति की बहुत ही मनमोहक कला है। सबको इस बारे में जानना जरूरी है। इस मौके पर बबिता राय, डा. नेहा, मीतू अग्रवाल, जूही गुप्ता, आकाश अग्रवाल, कमलेश सोनकर, वंदना गोयल, विकास गोयल, नीलांबुज गुप्ता, गौरव मौर्या आदि उपस्थित थे। ब्यूरो
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