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ग्राम सभा की जमीन पर पूर्व मंत्री का कब्जा
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। लालगंज तहसील क्षेत्र के खुंभादेवरी गांव में स्थित लाखों रुपये मूल्य की कीमती जमीन पर बसपा के पूर्व मंत्री विद्या चौधरी का कब्जा है। कई बार इस अवैध कब्जे को हटाने और जुर्माना तक लगाया गया, लेकिन कब्जा अभी भी बरकरार है। ग्राम प्रधान सहित अन्य लोगों की शिकायत पर तहसीलदार लालगंज ने उक्त कब्जे को हटाकर सरकारी जमीन मुक्त कराने का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता ग्राम प्रधान शिवपूजन राम के मुताबिक उनके गांव में गाटा संख्या 273, 274, 275 बंजर, खलिहान, घूरगड्ढा के नाम से अभिलेखों में दर्ज है। उक्त जमीन पर गांव के सभी लोगों का खलिहान होता था। प्रधान का आरोप है कि बसपा शासनकाल में पूर्व मंत्री रही विद्या चौधरी ने पद का दुरुपयोग करते हुए गांव के इन सरकारी जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा करके मकान बनवा लिया। मंत्री के प्रभाव की वजह से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर गांव के पल्टन राम की तरफ से तहसीलदार लालगंज के न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया। वर्ष 2003 में तहसीलदार ने फैसला सुनाते हुए पूर्व मंत्री का कब्जा हटाने और उन्हें दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पर इस पर कोई अमल नहीं हुआ। इसी मामले को दोबारा कोर्ट में पेश करने पर वर्ष 2007 में पुलिस तहसीलदार ने कब्जा हटाने का आदेश दिया। पर कोई कार्रवाई न होने पर विपक्षी हाईकोर्ट में अपील की। कोर्ट ने तत्काल कब्जा हटाने का निर्देश दिया, लेकिन मामला फाइलों में दबा हुआ था। गांव वालों की शिकायत पर उक्त मामले में पुन: तहसीलदार लालगंज कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि खुंम्भादेवी गांव में सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर मकान आदि बनवा लिया गया है। अभिलेखों की जांच पड़ताल के बाद उक्त अवैध कब्जे को हटाकर जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया गया है।
इनसेट
चकमार्ग हड़प मनबढ़ों ने किया रास्ता अवरुद्ध
आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र के सराय मोहन गांव के कई परिवार चकमार्ग पर कब्जे के चलते परेशान है। गांव निवासी सुराती देवी पत्नी बलिराम सरोज का कहना है कि ठेकमा ब्लाक के पश्चिम से एक चकमार्ग सरायमोहन गांव स्थित उसके आवास तक आता है। इस चकमार्ग पर सरकारी धन से मिट्टी की पटाई भी कराई गई है। वर्तमान में उक्त चकमार्ग पर गांव के ही कुछ मनबढ़ लोगों ने अवैध रुप से कब्जा कर उसका रास्ता बाधित कर दिया है। साथ ही गांव के लोग उनका विरोध नहीं करते। आवागमन का रास्ता प्रभावित होने के चलते उसने कई बार थाने पर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसने तहसील दिवस पर भी शिकायती पत्र दिया। अब तक हर जगह से सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
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शिकायतकर्ता ग्राम प्रधान शिवपूजन राम के मुताबिक उनके गांव में गाटा संख्या 273, 274, 275 बंजर, खलिहान, घूरगड्ढा के नाम से अभिलेखों में दर्ज है। उक्त जमीन पर गांव के सभी लोगों का खलिहान होता था। प्रधान का आरोप है कि बसपा शासनकाल में पूर्व मंत्री रही विद्या चौधरी ने पद का दुरुपयोग करते हुए गांव के इन सरकारी जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा करके मकान बनवा लिया। मंत्री के प्रभाव की वजह से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर गांव के पल्टन राम की तरफ से तहसीलदार लालगंज के न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया। वर्ष 2003 में तहसीलदार ने फैसला सुनाते हुए पूर्व मंत्री का कब्जा हटाने और उन्हें दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पर इस पर कोई अमल नहीं हुआ। इसी मामले को दोबारा कोर्ट में पेश करने पर वर्ष 2007 में पुलिस तहसीलदार ने कब्जा हटाने का आदेश दिया। पर कोई कार्रवाई न होने पर विपक्षी हाईकोर्ट में अपील की। कोर्ट ने तत्काल कब्जा हटाने का निर्देश दिया, लेकिन मामला फाइलों में दबा हुआ था। गांव वालों की शिकायत पर उक्त मामले में पुन: तहसीलदार लालगंज कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि खुंम्भादेवी गांव में सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर मकान आदि बनवा लिया गया है। अभिलेखों की जांच पड़ताल के बाद उक्त अवैध कब्जे को हटाकर जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया गया है।
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चकमार्ग हड़प मनबढ़ों ने किया रास्ता अवरुद्ध
आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र के सराय मोहन गांव के कई परिवार चकमार्ग पर कब्जे के चलते परेशान है। गांव निवासी सुराती देवी पत्नी बलिराम सरोज का कहना है कि ठेकमा ब्लाक के पश्चिम से एक चकमार्ग सरायमोहन गांव स्थित उसके आवास तक आता है। इस चकमार्ग पर सरकारी धन से मिट्टी की पटाई भी कराई गई है। वर्तमान में उक्त चकमार्ग पर गांव के ही कुछ मनबढ़ लोगों ने अवैध रुप से कब्जा कर उसका रास्ता बाधित कर दिया है। साथ ही गांव के लोग उनका विरोध नहीं करते। आवागमन का रास्ता प्रभावित होने के चलते उसने कई बार थाने पर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसने तहसील दिवस पर भी शिकायती पत्र दिया। अब तक हर जगह से सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
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