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हस्ताक्षर बदलने से बूथों पर तैनात नहीं हो सके एजेंट
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आजमगढ़। जनता को धन्यवाद देने शनिवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे निरहुआ ने कहा कि हस्ताक्षर बदलने से बूथों पर एजेंट तैनात नहीं हो सके। जिसकी शिकायत उन्होंने डीएम से की है और जांच चल रही है। ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ का नारा देने वाली भाजपा मतदान के दिन बूथ पर ही सबसे ज्यादा कमजोर नजर आई।
जनपद में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक बूथों पर भाजपा के मतदान अभिकर्ता ही तैनात नहीं थे। कई स्थानों पर तो दूसरी पार्टियों के लोग ही भाजपा के मतदान एजेंट बने हुए थे। शनिवार को दिनेश लाल यादव निरहुआ जनता को धन्यवाद देने के लिए भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया कि उसका हस्ताक्षर बदल दिया गया जिसके कारण 30 प्रतिशत से अधिक बूथों पर उसके अभिकर्ता तैनात नहीं हो सके। साथ ही निरहुआ ने यह भी दावा किया कि अगले पांच साल जीतने के बाद भी अखिलेश यादव जितने सक्रिय नहीं होंगे उससे अधिक वह सक्रिय रहेंगे। निरहुआ ने कहा कि मैं जिस उद्देश्य से यहां आया था वह पूरा हुआ है। नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 की अपेक्षा कहीं अधिक बहुमत से देश में सरकार बना रहे हैं। मैं तो राजनीति में आना ही नहीं चाहता था। जब यूपी में पीएम मोदी को रोकने के लिए गठबंधन बनाकर साजिश रची गयी तब मैंने कहा कि पीएम को रोकने के षड्यंत्र को हम कामयाब नहीं होने देंगे। आज मोदी जी प्रचंड बहुमत से सरकार बना रहे हैं यही तो हमारा उद्देश्य था। निरहुआ ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव यहां से चुनाव लड़े थे उन्हें आजमगढ़ में 3.40 लाख वोट मिला था मुझे उनसे 20 हजार अधिक मत मिला है। यह मेरी वैचारिक जीत है। जिन 3.60 लाख लोगों ने मुझे वोट दिया है मैं उनका कर्ज उतारूंगा। हम चुनाव नहीं हारे हैं हार तो गठबंधन की हुई है। यह हमारी जीत है कि हम केंद्र में बहुमत की सरकार बना रहे हैं। मतदान के दिन बूथों पर एजेंट नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी चूक हो गई थी। एजेंटों का हस्ताक्षर बदल दिया गया था।
पार्टी की ओर से हमें मतदान एजेंटों के जो हस्ताक्षर उपलब्ध कराए गए थे। वह हमने पोलिंग पार्टियों केे उपलब्ध करा दिया लेकिन मौके पर इनके एजेंटों ने अपने हस्ताक्षर पर एतराज जताया कि मेरा हस्ताक्षर यह नहीं बल्कि यह है। तो उस हस्ताक्षर को भी व्हाट्सएप के जरिये पोलिंग पार्टियों को भेज दिया गया। फिलहाल पार्टी की ओर से शिकायत की गई है। जांच की जा रही है। - शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।
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जनपद में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक बूथों पर भाजपा के मतदान अभिकर्ता ही तैनात नहीं थे। कई स्थानों पर तो दूसरी पार्टियों के लोग ही भाजपा के मतदान एजेंट बने हुए थे। शनिवार को दिनेश लाल यादव निरहुआ जनता को धन्यवाद देने के लिए भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया कि उसका हस्ताक्षर बदल दिया गया जिसके कारण 30 प्रतिशत से अधिक बूथों पर उसके अभिकर्ता तैनात नहीं हो सके। साथ ही निरहुआ ने यह भी दावा किया कि अगले पांच साल जीतने के बाद भी अखिलेश यादव जितने सक्रिय नहीं होंगे उससे अधिक वह सक्रिय रहेंगे। निरहुआ ने कहा कि मैं जिस उद्देश्य से यहां आया था वह पूरा हुआ है। नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 की अपेक्षा कहीं अधिक बहुमत से देश में सरकार बना रहे हैं। मैं तो राजनीति में आना ही नहीं चाहता था। जब यूपी में पीएम मोदी को रोकने के लिए गठबंधन बनाकर साजिश रची गयी तब मैंने कहा कि पीएम को रोकने के षड्यंत्र को हम कामयाब नहीं होने देंगे। आज मोदी जी प्रचंड बहुमत से सरकार बना रहे हैं यही तो हमारा उद्देश्य था। निरहुआ ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव यहां से चुनाव लड़े थे उन्हें आजमगढ़ में 3.40 लाख वोट मिला था मुझे उनसे 20 हजार अधिक मत मिला है। यह मेरी वैचारिक जीत है। जिन 3.60 लाख लोगों ने मुझे वोट दिया है मैं उनका कर्ज उतारूंगा। हम चुनाव नहीं हारे हैं हार तो गठबंधन की हुई है। यह हमारी जीत है कि हम केंद्र में बहुमत की सरकार बना रहे हैं। मतदान के दिन बूथों पर एजेंट नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी चूक हो गई थी। एजेंटों का हस्ताक्षर बदल दिया गया था।
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पार्टी की ओर से हमें मतदान एजेंटों के जो हस्ताक्षर उपलब्ध कराए गए थे। वह हमने पोलिंग पार्टियों केे उपलब्ध करा दिया लेकिन मौके पर इनके एजेंटों ने अपने हस्ताक्षर पर एतराज जताया कि मेरा हस्ताक्षर यह नहीं बल्कि यह है। तो उस हस्ताक्षर को भी व्हाट्सएप के जरिये पोलिंग पार्टियों को भेज दिया गया। फिलहाल पार्टी की ओर से शिकायत की गई है। जांच की जा रही है। - शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।
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