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ोनों सीटों पर अपने वोट सहेजने में सफल रहा गठबंधन
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आजमगढ़। सपा-बसपा का गठबंधन जिले के दोनों ही लोकसभा सीटों पर अपने वोट सहेजने में सफल रहा है। इसका परिणाम रहा कि 2014 के चुनाव की अपेक्षा अधिक मत पाने के बाद भी भाजपा जीत हासिल नहीं कर सकी। आजमगढ़ सीट से सपा के अखिलेश यादव व लालगंज सुरक्षित सीट से बसपा की संगीता आजाद ने भाजपा प्रत्याशियों को हरा कर जीत दर्ज की है।
2014 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ी थी। आजमगढ़ लोकसभा सीट पर सपा से तत्कालीन मुखिया मुलायम सिंह यादव, बसपा से शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली व भाजपा से रमाकांत यादव चुनाव मैदान में थे। मुलायम सिंह यादव ने 340306 मत प्राप्त कर जीत दर्ज किया था। दूसरे स्थान पर भाजपा के रमाकांत यादव थे। उन्हें 276998 मत मिले थे। वहीं बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली 266528 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर थे। वहीं लालगंज सुरक्षित पर 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार कमल खिला था और भाजपा प्रत्याशी के रुप में नीलम सोनकर ने जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में नीलम को 324016 मत मिले थे। सपा के बेचई सरोज 260930 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर थे। बसपा के प्रत्याशी डॉ. बलिराम को 233971 मतों से संतोष करना पड़ा था। 2019 का लोकसभा चुनाव सपा व बसपा ने गठबंधन कर लड़ा। गठबंधन के तहत आजमगढ़ सीट सपा तो लालगंज सुरक्षित सीट बसपा के खाते में आई। दोनों सीटों पर गठबंधन अपने वोटों को सहेजने में सफल रहा। 2014 में सपा-बसपा के वोटों का योग देेखा जाए तो आजमगढ़ में 606834 तो लालगंज सुरक्षित सीट पर 494901 होता है। दोनों ही सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों ने पिछले लोकसभा चुनाव के योग के आंकड़ों को पार करते हुए जीत दर्ज की। वहीं दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने भी 2014 में मिले वोटों से अधिक मत प्राप्त किया लेकिन गठबंधन की गणित को वे पार नहीं कर सके और दोनों सीटों पर इनके प्रत्याशियों आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव निरहुआ व लालगंज सुरक्षित से नीलम सोनकर को पराजय का मुंह देखना पड़ा।
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2014 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ी थी। आजमगढ़ लोकसभा सीट पर सपा से तत्कालीन मुखिया मुलायम सिंह यादव, बसपा से शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली व भाजपा से रमाकांत यादव चुनाव मैदान में थे। मुलायम सिंह यादव ने 340306 मत प्राप्त कर जीत दर्ज किया था। दूसरे स्थान पर भाजपा के रमाकांत यादव थे। उन्हें 276998 मत मिले थे। वहीं बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली 266528 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर थे। वहीं लालगंज सुरक्षित पर 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार कमल खिला था और भाजपा प्रत्याशी के रुप में नीलम सोनकर ने जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में नीलम को 324016 मत मिले थे। सपा के बेचई सरोज 260930 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर थे। बसपा के प्रत्याशी डॉ. बलिराम को 233971 मतों से संतोष करना पड़ा था। 2019 का लोकसभा चुनाव सपा व बसपा ने गठबंधन कर लड़ा। गठबंधन के तहत आजमगढ़ सीट सपा तो लालगंज सुरक्षित सीट बसपा के खाते में आई। दोनों सीटों पर गठबंधन अपने वोटों को सहेजने में सफल रहा। 2014 में सपा-बसपा के वोटों का योग देेखा जाए तो आजमगढ़ में 606834 तो लालगंज सुरक्षित सीट पर 494901 होता है। दोनों ही सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों ने पिछले लोकसभा चुनाव के योग के आंकड़ों को पार करते हुए जीत दर्ज की। वहीं दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने भी 2014 में मिले वोटों से अधिक मत प्राप्त किया लेकिन गठबंधन की गणित को वे पार नहीं कर सके और दोनों सीटों पर इनके प्रत्याशियों आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव निरहुआ व लालगंज सुरक्षित से नीलम सोनकर को पराजय का मुंह देखना पड़ा।
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