{"_id":"5aaead694f1c1bc0758b63e0","slug":"151521397097-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना जांच पूरी हुए ही करा दिया टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना जांच पूरी हुए ही करा दिया टेंडर
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग में एजेंसी के माध्यम से वाहनों का दो वर्षीय अनुबंध होना था। ई-टेंडरिंग के माध्यम से हो रही अनुबंध की प्रक्रिया में अपात्र को टेंडर देने की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया। अभी कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट देती उसके पहले ही दूसरा टेंडर कराकर वाहनों का अनुबंध कर दिया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी से इसकी शिकायत की। स्वास्थ्य विभाग को ई-टेंडरिंग के माध्यम से वाहनों का दो वर्ष के लिए अनुबंध करना था। इसके लिए सात जनवरी को ई-टेंडरिंग की प्रकिया पूरी हुई। इस दौरान शारदा टूर एंड ट्रैवेल्स एजेंसी ठेकमा के पवन चौरसिया ने ई-टेंडरिंग में नियमों को ताक पर रखकर अपात्र से अनुबंध करने का आरोप लगाते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह को शिकायती पत्र सौंपा। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अनुबंध की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया और इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया। साथ ही एक सप्ताह में जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अभी जांच टीम इस मामले में अपनी जांच आख्या उपलब्ध कराती उससे पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा 22 फरवरी को ई-टेंडरिंग करा दी। इसकी जानकारी होने पर पवन चौरसिया शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी के यहां गुहार लगाने पहुंचे। उनके न मिलने पर कार्यालय में मौजूद स्टेनो को अपना शिकायती पत्र सौंपा। पवन ने बताया कि हमारी मांग बस इतनी है कि मेरे शिकायत की जांच होने के बाद विभाग टेंडर कराए। डा. एसके तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया ने पवन चौरसिया की शिकायत 2015 के टेंडर पर है। जिसकी जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। जिसमें यह कहीं नहीं लिखा गया है कि ई-टेंडरिंग को रोक दिया जाए। पवन चौरसिया के आरोप बेबुनियाद हैं। उनके खुद के सारे अभिलेख फर्जी हैं। उनके खिलाफ 420 का मुकदमा होने जा रहा था लेकिन मैंने ही रोक दिया।
विज्ञापन