आजमगढ़। डीएम शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तैयारियों की समीक्षा के लिए जिलास्तरीय अनुश्रवण एवं क्रय समिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें डीएम ने समस्त नगर निकायों को कम से कम 10-10 जोड़ों का शादी के लिए पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि पात्रता के लिए कन्या का अभिभावक उप्र का मूल निवासी हो, वर और कन्या के अभिभावक निराश्रित, निर्धन अथवा जरूरतमंद हों, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की पात्रता के लिए आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा दो लाख रूपये जो तहसील स्तर से निर्गत हो के तहत होनी चाहिए। डीएम और सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया हो कि लाभार्थी की स्थिति नितांत दयनीय और वंचित हो। विवाह के आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि तक 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और वर के लिए 21 वर्ष की आयु अनिवार्य है। अनुसूचित जाति/जन जाति और अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत और जोनल कार्यालय में जमा किए जाएंगे।इस योजना के तहत प्रति जोड़ा कुल 35 हजार रुपये अनुमन्य है। जिसमें आवेदक (कन्या) का 20 हजार नेफ्ट के माध्यम से खाते में भेजा जाएगा, जबकि विधवा परितक्यता/तलाकशुदा के मामले में सहायता राशि 25 हजार होगी। 10 हजार की विवाह सामग्री दिए जाने की व्यवस्था है। जबकि विधवा/तलाकशुदा के मामले में पांच हजार की विवाह सामग्री दी जाएगी।कार्यक्रम के आयोजन पर प्रति जोड़ा पांच हजार रुपये कार्यक्रम समिति को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन नौ फरवरी को राजकीय आईटीआई मैदान में 150 जोड़ों की शादी की जाएगी। उन्होंने समस्त अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका/पंचायत को निर्देशित किया कि कम से कम 10-10 जोड़ों का चयन कर उसकी सूची जिला समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। इस मौके पर सीडीओ डीएस उपाध्याय, सीटीओ विजय शंकर, डीडीओ रवि शंकर राय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार यादव आदि उपस्थित थे।