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पद्मावती के निदेशक का फूंका पुतला
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:18 PM IST
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आजमगढ़। फिल्म पद्मावती में राजपूत समाज की छवि को धूमिल किए जाने के मामले को लेकर विरोध का सिलसिला जारी है। शनिवार को दीवानी न्यायालय के राजपूत अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के पूर्व मंत्री अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक हुजूम संघ भवन से नारेबाजी करते हुए चर्च चौराहे पर पहुंचा और फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका। वहीं, सगड़ी में एसडीएम को महिलाओं ने ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने पूतला फूंकने के बाद फिल्म निर्देशक द्वारा रानी पद्मावती के रोल को गलत तरीके से पेश किए जाने की निंदा करते केंद्र सरकार और फिल्म सेंसबोर्ड से फिल्म के प्रसारण न किए जाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ताओं में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता विन्ध्वासनी सिंह, अभिभाष संघ के पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार सिंह, महेंद्र सिंह, विनोद सिंह, राकेश सिंह, सुनील सिंह, संजय सिंह, बृजेश कुमार सिंह समेत अनेक राजपूत अधिवक्ता शामिल रहे। वहीं, सगड़ी तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से जीयनपुर पहुंची महिलाओं ने कोइरिया पोखरा पर बैठक कर पद्मावती फिल्म का विरोध किया। नारेबाजी की और पैदल मार्च करते हुए महिला मंडल की अध्यक्ष शशिकला त्रिपाठी के नेतृत्व में एसडीएम सगड़ी कार्यालय पहुंचीं। पद्मावती फिल्म को किसी भी सूरत में रिलीज न होने देने की मांग की। पूनम सिंह, शशिकला, राधिका मौर्य, सुमित्रा यादव, प्रियंका यादव, मंजू जायसवाल, सरोज जायसवाल, राजवंत सिंह, श्यामा, दुलारी, माया, रेखा, सुनीता, फूलमती, नीतू, निर्मला आदि रहीं।
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