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डीएम फर्जी हस्ताक्षर से पाया कांशीराम आवास
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:26 PM IST
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आजमगढ़। प्रशासन की ओर से इन दिनों जाफरपुर, डीएवी कालेज और चक गोरया में बने कांशीराम आवासों की सत्यापन कराया जा रहा है। इस दौरान एक लाभार्थी द्वारा तत्कालीन जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से आवास पाने का मामला पकड़ में आया है। फिलहाल डूडा की ओर से कागजात को जब्त कर लिया गया है और आवास आवंटन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जांच के बाद फर्जीवाड़े का मामला मिलने पर संबंधित पर एफआईआर भी कराई जाएगी।
प्रशासन की ओर से जल्द ही जिले में खाली पड़े कांशीराम आवासों को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करनी है। अभी मुबारकपुर के गजड़हा में 460 और मेंहनगर में 240 आवास खाली पड़े हैं। इसके साथ ही जाफरपुर में 492 आवासों में 44 और चकगोरया के 204 आवासों में 78 खाली हैं। प्रशासन आवासों के आवंटन से पहले जाफरपुर, डीएवी और चकगोरया में कांशीराम कालोनी में आवंटिस आवासों का सत्यापन करा रहा है। ताकि अपात्रों को बाहर कर उन आवासों को भी आवंटित किया जा सके। सोमवार को सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान चक गोरया में आवंटित एक आवास के कागजात फर्जी पाए गए। आवंटन पत्र पर तत्कालीन जिलाधिकारी के हस्ताक्षर संदिग्ध थे। आवास को नवंबर 2010 में लाभार्थी का आवंटित किया गया था। आवास शबनम पत्नी इस्तखार मोहम्मद के नाम से आवंटित है। पीओ डूडा ने फिलहाल कागजात को जब्त कर लिया है। इसे जिलाकारी को सौंपा जाएगा। इसके बाद आवास आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित के खिलाफ एफआईआर भी कराया जाएगा।
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आवासों के सत्यापन के दौरान जाफरपुर का एक आवंटन पत्र फर्जी पाया गया है। जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपने के बाद आवास का आवंटन निरस्त किया जाएगा। संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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-डॉ. महेंद्र प्रसाद, पीओ डूडा
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प्रशासन की ओर से जल्द ही जिले में खाली पड़े कांशीराम आवासों को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करनी है। अभी मुबारकपुर के गजड़हा में 460 और मेंहनगर में 240 आवास खाली पड़े हैं। इसके साथ ही जाफरपुर में 492 आवासों में 44 और चकगोरया के 204 आवासों में 78 खाली हैं। प्रशासन आवासों के आवंटन से पहले जाफरपुर, डीएवी और चकगोरया में कांशीराम कालोनी में आवंटिस आवासों का सत्यापन करा रहा है। ताकि अपात्रों को बाहर कर उन आवासों को भी आवंटित किया जा सके। सोमवार को सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान चक गोरया में आवंटित एक आवास के कागजात फर्जी पाए गए। आवंटन पत्र पर तत्कालीन जिलाधिकारी के हस्ताक्षर संदिग्ध थे। आवास को नवंबर 2010 में लाभार्थी का आवंटित किया गया था। आवास शबनम पत्नी इस्तखार मोहम्मद के नाम से आवंटित है। पीओ डूडा ने फिलहाल कागजात को जब्त कर लिया है। इसे जिलाकारी को सौंपा जाएगा। इसके बाद आवास आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित के खिलाफ एफआईआर भी कराया जाएगा।
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आवासों के सत्यापन के दौरान जाफरपुर का एक आवंटन पत्र फर्जी पाया गया है। जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपने के बाद आवास का आवंटन निरस्त किया जाएगा। संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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-डॉ. महेंद्र प्रसाद, पीओ डूडा