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अंजुमनों ने नौहाख्वानी कर पेश की खिराज-ए-अकीदत

Thu, 26 Oct 2017 12:58 AM IST
Updated Thu, 26 Oct 2017 12:58 AM IST
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अंजुमनों ने नौहाख्वानी कर पेश की खिराज-ए-अकीदत
मेजवां। इमाम हुसैन की बेटी जनाबे सकीना की याद में मंगलवार की रात फूलपुर कस्बा में अंजुमन मासूमिया की ओर से शब्बेदारी का आयोजन किया गया। जिसमें अंजुमनंो ने नौहा ख्वानी कर खिराजे अकीदत पेश किया। रात भर चलने वाली शब्बेदारी में आधी रात के बाद जनाबे सकीना का ताबूत निकाला गया तो अजादार रो पड़े।
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शुरुआत कुरआन पाक की तिलावत से किया गया। इसके बाद शायरे अहलेबैत वसीउल हसन उर्फ गुड्डू आजमी, जफर आजमी ने पेशख्वानी किया। मौलाना तहजीबुल हसन बिहार ने मजलिस को खिताब किया। नौहा मातम की कड़ी में अजुंमन जीनतुल अजा बाराबंकी, अजुंमन हैदरिया सुल्तानपुर, अंजुमन मासूमिया घोसी, अंजुमन फैजे हुसैन अरसावां, अंजुमन गुलशने अब्बास रजिस्टर्ड भादी ने क्रमवार नौहा मातम पेश किया। आधी रात के बाद इमाम हुसैन की बेटी जनाबे सकीना का ताबूत निकाला गया। जिस पर काफी संख्या में अजादारों ने फूलमाला चढ़ाकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया। इस दौरान सभी लोग रो पड़े। संचालन सैयद जीशान अली ने किया। अंत में संयोजक मुहम्मद आलम ने सभी का आभार प्रकट किया।
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आज निकलेगा छह सफर का कदीम जुलूसे हरम
फूलपुर। क्षेत्र के माहुल नगर पंचायत के डेउढी से अंजुमन सज्जादिया की ओर से 26 अक्तूबर को सुबह आठ बजे से छह सफर का कदीम जुलूसे हरम निकाला जाएगा। यह जानकारी सेक्रटरी सैयद सैफ अब्बास ने दी। इसमें अंजुमन रौनके इस्लाम जलालपुर अंजुमन अहले सुन्नत गाजीपुर, अंजुमन जुलफेकारिया जौनपुर, अहले हुदूद सुल्तानपुर, अंजुमन हैदरी अमरोहा, नौहा ख्वानी करेंगी। मौलाना सैयद कैसर हुसैन वाराणसी, मौलाना जमालुद्दीन दिल्ली, मौलाना टीआर विक्टर बिहार, मौलाना सैयद युनुस हैदर दिल्ली, मौलाना वसी मुहम्म्द खां साहब इमामे जुमा चमांवा, मौलाना सैयद अल हसन नक्वी लखनऊ, मौलाना अमीर हसन खां बड़ागांव, मौलाना हसन इंतेजार खां इलाहाबाद मजलिस को खिताब करेंगे।
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सरायमीर। स्थानीय कस्बा स्थित मदरसा बैतूल उलूम में इस्लाही दीनी जलसे का आयोजन बुधवार को सर्व प्रथम महिलाओं की मजलिस से शुरु हुआ। जलसे की अध्यक्षता करते हुए हजऱत मौलाना शाह मोहम्मद अब्दुल्लाह फूलपुरी ने संबोधित करते हुए कहा कि आौरतों की इसलाही मजलिस का मतलब घरों में इस्लाम का चिराग रोशन करना और इस्लाम के प्रति लगाव पैदा करना है।

उन्होंने कहा कि हम को अल्लाह के हुक्म के मुताबिक कैसे जिन्दगी गुजारना है और बन्दों के साथ कैसे, अल्लाह के हुक्म के मुताबिक जिन्दगी गुजारने वाला गुमराह हो गया है। कार्यक्रम में मौलाना अतीउल्लाह ने अपनी तकरीर में आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए जाने पर बल दिया। माौलाना महबूब आलम ने औलाद की परवरिश अच्छी तरह से किए जाने पर जोर दिया। मौलाना शफ ीक अहमद ने जिंदगी जीने के मकसद और औरतों का इस्लाम के प्रति लगाव पर तकरीर की। जलसे में नातिया कलाम शब्बीर अहमद मुजफ्फरपुरी ने पढ़ी। कार्यक्रम का समापन सदर मोहतरम की दुआ पर हुआ। मजलिस में आजमगढ़, जौनपुर, मऊ की औरतें काफी तादात में शामिल रही। संचालन मुफ़्ती मोहम्मद शब्बीर ने किया।
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