{"_id":"596a58704f1c1bdc168b4801","slug":"141500141680-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं झेलेंगी शराब का कहर, पूरी तरह लगे रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं झेलेंगी शराब का कहर, पूरी तरह लगे रोक
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सगड़ी। जहरीली शराब से 30 मौतों के बाद शराब के खिलाफ महिलाओं का विरोध मुखर होने लगा है। शनिवार को अजमतगढ़ में महिलाओं पूर्ण शराबबंदी ती मांग को लेकर सड़क पर उतर आई। शराब बंद करने के लिए नारेबाजी कर कहा कि अब इसका कहर झेलने के लिए वे तैयार नहीं है। इस पर पूर्ण रूप से रोल लगाई जाए नहीं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत अजमतगढ़ बाजार में शनिवार को महिलाओं और बच्चों ने पूर्ण शराबबंदी के लिए नारेबाजी की। कहा कि ऐसी घटना पुन: न हो इसलिए शराब पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। अन्यथा महिलाएं धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। कहा कि अवैध शराब ने हमें तोड़ कर रख दिया है। बड़े-बुजुर्ग सभी शराब पीने के आदी हो चुके हैं। शराब के कारण हमारे घर में घर में चूल्हा तक नहीं जल पाता है। बच्चे भूखे बिलबिलाते हैं। आदमी रोजाना 100 से 200 रुपया कमाते हैं। पैसा दारू पीने में ही चला जाता है। मना करने पर नशे में मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। कहा कि शराब बंद नहीं तो ठेकों और अवैध दूकानों में आग लगा देंगी। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
महिलाओं का आरोप है कि पुलिस के सहयोग से अवैध शराब बिकती है। उचित कार्रवाई नहीं हुई तो एस सप्ताह बाद अजमतगढ़-जीयनपुर मार्ग को जाम कर देंगे। इस मौके पर महिमा देवी, शांति देवी, उषा देवी, प्रेमशीला, मेवाती, कमलावती, लीलावती, सीमा, पार्वती, सोनमती, चंपा, शीला, सरिता, रमावती, किस्मती, सुखिया, पिंकी, मंजु, राधिका, शारदा, किरन, सोनू ,अच्छेलाल, गंगा, जितेंद्र, बालकरन, रामजन्म, बालचंद, तेजू ,प्रवीण, रामू, गुलाब, शिवचंद, उमेश, संदीप आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सगड़ी तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत अजमतगढ़ बाजार में शनिवार को महिलाओं और बच्चों ने पूर्ण शराबबंदी के लिए नारेबाजी की। कहा कि ऐसी घटना पुन: न हो इसलिए शराब पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। अन्यथा महिलाएं धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। कहा कि अवैध शराब ने हमें तोड़ कर रख दिया है। बड़े-बुजुर्ग सभी शराब पीने के आदी हो चुके हैं। शराब के कारण हमारे घर में घर में चूल्हा तक नहीं जल पाता है। बच्चे भूखे बिलबिलाते हैं। आदमी रोजाना 100 से 200 रुपया कमाते हैं। पैसा दारू पीने में ही चला जाता है। मना करने पर नशे में मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। कहा कि शराब बंद नहीं तो ठेकों और अवैध दूकानों में आग लगा देंगी। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
महिलाओं का आरोप है कि पुलिस के सहयोग से अवैध शराब बिकती है। उचित कार्रवाई नहीं हुई तो एस सप्ताह बाद अजमतगढ़-जीयनपुर मार्ग को जाम कर देंगे। इस मौके पर महिमा देवी, शांति देवी, उषा देवी, प्रेमशीला, मेवाती, कमलावती, लीलावती, सीमा, पार्वती, सोनमती, चंपा, शीला, सरिता, रमावती, किस्मती, सुखिया, पिंकी, मंजु, राधिका, शारदा, किरन, सोनू ,अच्छेलाल, गंगा, जितेंद्र, बालकरन, रामजन्म, बालचंद, तेजू ,प्रवीण, रामू, गुलाब, शिवचंद, उमेश, संदीप आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन