{"_id":"5c59c989bdec22120179aff9","slug":"131549388169-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर-पार के संघर्ष के लिए तैयार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर-पार के संघर्ष के लिए तैयार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। प्रदेश सरकार पर सौतेले व्यवहार और वादाखिलाफी का आरोप लगाकर आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन और महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने भी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। संयुक्त मोर्चा के बैनर तले पांच दिवसीय धरने की शुरुआत मंगलवार को अंबेडकर पार्क से की। कार्यकत्रियों ने हुंकार भरी कि जब तक सात सूत्री मांग पूरी नहीं की जाती आवाज मुखर रखेंगे।
जिलाध्यक्ष सुमित्रा सिंह कहा कि 17 जनवरी को मुख्यमंत्री को मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से दिए थे। चार फरवरी तक का समय दिया था। अब तक सरकार ने हमारी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। हम लोग आर-पार के संघर्ष को तैयार है। जब तक हमारी मांगों पर सरकार फैसला नहीं करेगी तब तक हम अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। लक्ष्मी सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की आवाज को अपने हठवादिता के जरिए सरकार दबाना चाहती है। कंचन राय, सुनीता सिंह, द्रौपदी, शीला, अनीता श्रीवास्तव, सीमा, उर्मिला, नीतू, साधना, सुनीता मौर्य, कुमुद राय, नीतू, वंदना, ममता, अंजू, संजीवन गौतम, अनिरूद्ध द्विवेदी, कंचन मिश्रा, माधुरी गुप्ता, चंचला, पुष्पा वर्मा, त्रिरत्न प्रिया, सरिता शाही, प्रतिमा, आशा, अनीसा, कुसुम, मीना, कौशल्या, रीता रानी, राधिका मौजूद रहीं।
न्यूनतम वेतन, पेंशन, फंड जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष मोर्चा जनपद इकाई का दो दिवसीय धरना मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर संपन्न हो गया। जायज मांग को लेकर कार्यकत्रियां छह फरवरी की शाम कैफियात एक्सप्रेस से लखनऊ के लिए रवाना होंगी। सरकार के खिलाफ सात फरवरी से प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद करेंगी।
विज्ञापन
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। हमें शासन द्वारा महज आश्वासन दिया जा रहा है। इस पर समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं सात से 11 फरवरी तक लखनऊ में अब क्रमिक अनशन को बाध्य हैं। छह फरवरी की शाम कैफियात एक्सप्रेस से लखनऊ रवाना होंगी। जिला उपाध्यक्ष संगीता गौड, रीना यादव, सरोज पाल, मंजूला, किरन, कुसुमलता राय, सरिता, शिमला, सुनीता सिंह, रोनिका, निशा यादव, परमिला, शकुंतला, मंजू मौर्य, सरस्वती, कंचन, उर्मिला, अर्चना, शिवकुमारी, शशिकला, सर्वेश यादव, माधुरी, शैलजा, सुशीला, सरिता, आशा, लालसा, गीता, रिंकू, बिन्दुमति, पूनम, गीताजंलि, लालमती, अनीता आदि मौजूद रही।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष सुमित्रा सिंह कहा कि 17 जनवरी को मुख्यमंत्री को मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से दिए थे। चार फरवरी तक का समय दिया था। अब तक सरकार ने हमारी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। हम लोग आर-पार के संघर्ष को तैयार है। जब तक हमारी मांगों पर सरकार फैसला नहीं करेगी तब तक हम अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। लक्ष्मी सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की आवाज को अपने हठवादिता के जरिए सरकार दबाना चाहती है। कंचन राय, सुनीता सिंह, द्रौपदी, शीला, अनीता श्रीवास्तव, सीमा, उर्मिला, नीतू, साधना, सुनीता मौर्य, कुमुद राय, नीतू, वंदना, ममता, अंजू, संजीवन गौतम, अनिरूद्ध द्विवेदी, कंचन मिश्रा, माधुरी गुप्ता, चंचला, पुष्पा वर्मा, त्रिरत्न प्रिया, सरिता शाही, प्रतिमा, आशा, अनीसा, कुसुम, मीना, कौशल्या, रीता रानी, राधिका मौजूद रहीं।
विज्ञापन
न्यूनतम वेतन, पेंशन, फंड जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष मोर्चा जनपद इकाई का दो दिवसीय धरना मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर संपन्न हो गया। जायज मांग को लेकर कार्यकत्रियां छह फरवरी की शाम कैफियात एक्सप्रेस से लखनऊ के लिए रवाना होंगी। सरकार के खिलाफ सात फरवरी से प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद करेंगी।
विज्ञापन
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। हमें शासन द्वारा महज आश्वासन दिया जा रहा है। इस पर समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं सात से 11 फरवरी तक लखनऊ में अब क्रमिक अनशन को बाध्य हैं। छह फरवरी की शाम कैफियात एक्सप्रेस से लखनऊ रवाना होंगी। जिला उपाध्यक्ष संगीता गौड, रीना यादव, सरोज पाल, मंजूला, किरन, कुसुमलता राय, सरिता, शिमला, सुनीता सिंह, रोनिका, निशा यादव, परमिला, शकुंतला, मंजू मौर्य, सरस्वती, कंचन, उर्मिला, अर्चना, शिवकुमारी, शशिकला, सर्वेश यादव, माधुरी, शैलजा, सुशीला, सरिता, आशा, लालसा, गीता, रिंकू, बिन्दुमति, पूनम, गीताजंलि, लालमती, अनीता आदि मौजूद रही।