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श्रम विभाग के अनुपस्थित रहने पर मांगा स्पष्टीकरण

Sat, 08 Sep 2018 11:32 PM IST
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:32 PM IST
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श्रम विभाग के अनुपस्थित रहने पर मांगा स्पष्टीकरण
अतरौलिया। सांसद नीलम सोनकर द्वारा गोद लिए गए सांसद आदर्श गांव लोहरा में हुए जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने शनिवार को चौपाल लगाकर समीक्षा की। बैठक में श्रम विभाग के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर सीडीओ को उनसे स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
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प्रगति समीक्षा में विद्युत विभाग द्वारा नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन देने और मीटर लगाने की बात कही गई। जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने गांव में छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ जिनको उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन नहीं मिला है को कनेक्शन दिलाने की बात कही। पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सा अधिकारी डा. बीके सिंह द्वारा नकली दूध से हो रही कैंसर जैसी भयानक बीमारियों पर चर्चा हुई। जिला कृषि अधिकारी द्वारा किसानों के पंजीकरण के माध्यम से सब्सिडी तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ देने की बात कही गई। जिला पंचायत राज अधिकारी आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने महिलाओं को शौचालय का महत्व और उसके उपयोग पर चर्चा की। चिकित्सा अधीक्षक अतरौलिया डा. शिवाजी द्वारा स्टाल लगाकर लोगों को आवश्यक दवाएं वितरित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव के पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान संयुक्त रुप से गांव में जाकर किसी भी लाभ से वंचित लाभार्थियों की सूची तैयार कर उनको लाभ दिलाएं। गांव में खेल कूद का मैदान ना होने पर उन्होंने लेखपाल से सरकारी जमीन पर कब्जे के विषय में रिपोर्ट मांगी। राजमिस्त्रियों के पंजीकरण कराने के लिए श्रम विभाग के किसी अधिकारी के उपस्थित ना रहने पर सीडीओ को उनसे स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह, पीडी डीडी शुक्ला, डीपीआरओ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी डा.उमेश चंद गुप्ता, डीआईओएस डा. वीके शर्मा, बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय आदि उपस्थित थे।
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हैंडपंप के दूषित पानी की हुई शिकायत
अतरौलिया। जूनियर हाईस्कूल लोहरा में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कुछ ग्रामीणों द्वारा विद्यालय कैंपस में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के दषित पानी को लेकर शिकायत की गई। बोतल पानी भरकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिखाया। ग्रामीणों का कहना था कि इस पानी को पीकर बच्चे अक्सर बीमार हो जाते हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को हैंडपंप को रिबोर कराने का निर्देश दिया।
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चौपाल में नहीं पहुंची सांसद नीलम सोनकर
अतरौलिया। सांसद आदर्श गांव लोहरा धमें विकास कार्यों की समीक्षा में सांसद नीलम सोनकर को भी आना था। लेकिन उनका न आना ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों का कहना था कि सांसद द्वारा गोद लिए जाने के बाद भी गांव की स्थिति बद से बदतर है। विकास के सारे कार्य ठप पड़े हुए हैं विकास का कोई भी कार्य पूरा नहीं हुआ है।

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डीएम करते रहे समीक्षा और सोते रहे पीडी
अतरौलिया। सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने के प्रति अधिकारी कर्मचारी कितने गंभीर हैं इसका उदाहरण शनिवार को सांसद आदर्श गांव लोहरा में देखने को मिला। जहां जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी विभिन्न विभागों के अधिकारियों से उनके कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। वहीं उनके बगल में बैठे परियोजना निदेशक सब बातों से अनजान अपनी नींद पूरी करने में जुटे थे।


कागजी कार्रवाई कर चलते बने जिलाधिकारी
अतरौलिया। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में शनिवार को सांसद आदर्श गांव में लोहरा में लगी चौपाल में जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर ही समीक्षा की गई। जबकि ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों पर उनके द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया। इसे लेकर ग्रामीणों में मायूसी रहा।

चौपाल में डीएम ने विभिन्न विभागों को शेष कार्यों को करने का निर्देश दिया और वहां से चले गए। लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कई समस्याओं बारे में बताया जैसे गांव में सफाई कर्मी द्वारा सफाई कर्मी द्वारा सफाई न करना, अधूरे कार्यों का पूरा न होना, खराब हैंडपंप, बिजली के जर्जर तार आदि की शिकायत की। लेकिन जिलाधिकारी ने उनकी बातों को नजरंदाज कर दिया। ग्रामीणों ने राशन न मिलने की शिकायत की। लेकिन उनकी इस बात को भी अनसुना कर दिया गया। इन शिकायतों का निस्तारण करने की बजाए जिलाधिकारी ने कहा कि गांव के विकास की जिम्मेदारी सिर्फ ग्राम प्रधान की ही नहीं होती है। इसमें सबके सहयोग की जरूरत है। इस तरह से विरोध में ग्रामीणों द्वारा केवल शिकायत की जाएगी तो कभी भी विकास कार्य नहीं हो पाएगा और सभी विकास कार्य बाधित रहेंगे। जिलाधिकारी के इस प्रकार से शिकायतों को नजरंदाज करने और इस प्रकार से ग्रामीण काफी मायूस हुए।
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