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आउटगोइंग केबल जली, 150 गांवों की बिजली गुल
Updated Wed, 18 Apr 2018 11:24 PM IST
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फूलपुर/ मेजवां। स्थानीय विद्युत सब स्टेशन के पूर्वी फीडर की आउटगोइंग केबल मंगलवार को रात साढ़े सात बजे के करीब तेज धमाके के साथ जल गई। इससे लगभग 150 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। लोग बिजली-पानी और अन्य समस्याओं को लेकर दिनभर परेशान रहे। सुबह 11 बजे बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
विद्युत सब स्टेशन में कुल पांच फीडर हैं। पूर्वी फीडर से दुर्बासा, कौड़िया टेउंगा, बरौली, नेवादा, खुरासो, सतवहिया, शम्शाबाद, गहजी, नियाउज समेत 150 से अधिक गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। मंगलवार की शाम तेज धमाके के साथ फीडर जल गया। धमाका इतना तेज था कि वहां बैठे संविदा कर्मचारी दहल गए। फीडर जलने से उक्त गांवों की बिजली बेपटरी हो गई। रातभर लोग परेशान रहे। बिना बिजली के मच्छरों ने लोगों की खूब परीक्षा ली। लाइनमैनों ने इसकी सूचना अवर अभियंता को दी। सुबह संविदा कर्मचारियों ने केबल को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। बुधवार को सुबह साढ़े 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान लोग बिजली, पानी के लिए हलाकान थे। गांव में इंडिया मार्का हैंडपंपों पर पानी के लिए कतारें लगी रहीं। पानी को लेकर आपस में नोकझोंक भी होती रही। विद्युत सब स्टेशन के एसएसओ संतोष पाल ने बताया कि फीडर बनाने का कार्य बुधवार को सुबह में 11 बजे पूरा कर लिया गया। इसके बाद साढ़े ग्यारह बजे आपूर्ति बहाल हो गई है।
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विद्युत सब स्टेशन में कुल पांच फीडर हैं। पूर्वी फीडर से दुर्बासा, कौड़िया टेउंगा, बरौली, नेवादा, खुरासो, सतवहिया, शम्शाबाद, गहजी, नियाउज समेत 150 से अधिक गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। मंगलवार की शाम तेज धमाके के साथ फीडर जल गया। धमाका इतना तेज था कि वहां बैठे संविदा कर्मचारी दहल गए। फीडर जलने से उक्त गांवों की बिजली बेपटरी हो गई। रातभर लोग परेशान रहे। बिना बिजली के मच्छरों ने लोगों की खूब परीक्षा ली। लाइनमैनों ने इसकी सूचना अवर अभियंता को दी। सुबह संविदा कर्मचारियों ने केबल को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। बुधवार को सुबह साढ़े 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान लोग बिजली, पानी के लिए हलाकान थे। गांव में इंडिया मार्का हैंडपंपों पर पानी के लिए कतारें लगी रहीं। पानी को लेकर आपस में नोकझोंक भी होती रही। विद्युत सब स्टेशन के एसएसओ संतोष पाल ने बताया कि फीडर बनाने का कार्य बुधवार को सुबह में 11 बजे पूरा कर लिया गया। इसके बाद साढ़े ग्यारह बजे आपूर्ति बहाल हो गई है।
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