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फसल के साथ ही भींगी किसानों पलकें
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:47 PM IST
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आजमगढ़। मौसम की मार के आगे बेबस किसान खून के आंसू रो रहे हैं। मंगलवार को बारिश से भीगी गेहूं को सूखा भी नहीं पाए थे कि बुधवार की दोपहर दोबारा खराब मौसम की मार पड़ गई। लेकिन वहीं और बुरा तो ये होगा कि किसानों को इसका कोई मुआवजा नहीं मिलेगा क्योंकि उसके लिए 33 फीसदी से ज्यादा नुकसान का मानक है। हालांकि इस बारे में विभाग के अधिकारी विशेष परेशान नहीं है।जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता का कहना है कि यह तो होता जाता रहता है, वैसे जनपद में छह से सात फीसदी गेहूं की फसल को ही नुकसान होगा। क्योंकि अभी ज्यादातर फसल खेतों में खड़ी है। जो कटी है किसान उसे फिर सुखा लेंगे।
विगत कई वर्षों से मौसम के आगे किसान खुद को बेबस महसूस कर रहा है। किसानों को कभी सूखे ने मारा तो कभी फसल में पैदावार अच्छी नहीं हुई। जिसके कारण वह कर्ज में डूब गया। फसली ऋण माफ के बाद किसान फिर खेती में जुटे। अच्छी फसल भी हुई लेकिन जब फसल को काटकर घर लाने का समय आया तो मौसम ने एक बार फिर से किसानों को दगा दे दिया। उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह किस प्रकार बैंक का कर्ज चुकाएगा। क्योंकि कर्ज माफ होने के बाद उसने दोबारा बैंक से ऋण लेकर फसल की बुआई की थी। किसान गंगा राय, हरिश्चंद्र प्रजापति, सुमेर सिंह आदि का कहना है कि मौसम ने तो हमें पूरी तरह से तबाह कर दिया है। हमारी सारी फसल बर्बाद हो चुकी है। अब हम किस प्रकार बैंक से लिए कर्जे को चुकाएंगे। अगर बैंक के कर्ज को नहीं चुकाए तो अगली फसल किसी प्रकार लगाएंगे।
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विगत कई वर्षों से मौसम के आगे किसान खुद को बेबस महसूस कर रहा है। किसानों को कभी सूखे ने मारा तो कभी फसल में पैदावार अच्छी नहीं हुई। जिसके कारण वह कर्ज में डूब गया। फसली ऋण माफ के बाद किसान फिर खेती में जुटे। अच्छी फसल भी हुई लेकिन जब फसल को काटकर घर लाने का समय आया तो मौसम ने एक बार फिर से किसानों को दगा दे दिया। उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह किस प्रकार बैंक का कर्ज चुकाएगा। क्योंकि कर्ज माफ होने के बाद उसने दोबारा बैंक से ऋण लेकर फसल की बुआई की थी। किसान गंगा राय, हरिश्चंद्र प्रजापति, सुमेर सिंह आदि का कहना है कि मौसम ने तो हमें पूरी तरह से तबाह कर दिया है। हमारी सारी फसल बर्बाद हो चुकी है। अब हम किस प्रकार बैंक से लिए कर्जे को चुकाएंगे। अगर बैंक के कर्ज को नहीं चुकाए तो अगली फसल किसी प्रकार लगाएंगे।
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