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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर को लेकर आयोजित हुई कार्यशाला
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 के बारे में अधिकारियों को जानकारी देने के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विशेष सचिव लखनऊ पीसी श्रीवास्तव ने अधिकारियों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 के लिए लखनऊ में एक केंद्रीय काल सेंटर का निर्माण किया गया है। जिसमें 500 काल सेंटर एक्जीक्यूटिव की सीटिंग क्षमता %1000 सीटों तक विस्तारणीय% है। इस हेल्प लाइन के टोल फ्री नंबर पर 1076 पर कॉल कर कोई भी नागरिक कॉल सेंटर एक्जीक्यूटिव के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसमें नागरिकों की शिकायत, सूचना, मांग और सुझाव मामलों को व्यवहृत किया जाएगा। न्यायालय में विचाराधीन मामले, अन्य राज्य सरकार, केंद्र सरकार, विदेश सरकारों के विरूद्ध शिकायतों से संबंधित मामले, शासकीय कर्मचारियों के उनकी सेवा से संबंधित मामलें और सूचना का अधिकार अधिनियम से संबंधित मामले और धार्मिक मामलों को मुख्यमंत्री हेल्प लाइन से व्यवहृत नहीं किया जाएगा। नागरिकों के उपरोक्त प्रकार के मामले आईजीआरएस जनसुनवाई जो कि उप्र के नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों के प्रभावी निदान ओर अनुश्रवण के लिए एनआईसी द्वारा एक इंटीग्रेटेड और केंद्रीयकृत कंप्युटर सिस्टम पर पंजीकृत होंगे। प्रत्येक शिकायत को निर्धारित शिकायत श्रेणी के तहत संबंधित विभाग को आवंटित किया जाएगा। प्रत्येक शिकायत के लिए शिकायत श्रेणी के अन्तर्गत स्तर-1 से स्तर-4 अर्थात निम्न से उच्च स्तर के निर्धारित अधिकारियों के लिए अग्रसारण की व्यवस्था होगी। नागरिक की शिकायत सर्व प्रथम निवारण के लिए स्तर-1 के विभागीय अधिकारी को अग्रसारित होगी। जो निर्धारित समयसीमा के तहत प्रकरण का निस्तारण करेंगे। निस्तारण से फीड बैक उपरांत नागरिक के संतुष्ट न होने की स्थिति में इसे दोबार स्तर एक के अधिकारी को आधी समयसीमा के साथ प्रकरण अग्रसारित किया जाएगा। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने की स्थिति में मैट्रिक्स के अनुसार एक-एक कर अगले स्तर-4 तक शिकायत का अग्रसारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नागरिक विभागीय अग्रसारक मुख्यमंत्री हेल्प लाइन के टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत पंजीकरण करेंगे। कॉल सेंटर नागरिकों के कॉल का रिसिव करेगा और उनके द्वारा कि जाने वाली शिकायतों का पंजीकरण करेगा। आईजीआरएस पर शिकायतों का पंजीकरण किया जाएगा। शिकायत पंजीकरण के बाद शिकायतकर्ता एसएमएस के माध्यम से पावती प्राप्त करेगा। जिसमें शिकायत पंजीकरण नंबर के साथ शिकायत के विवरण होंगे। जिसको भविष्य में ट्रैकिंग के लिए प्रयोग किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त एसएमएस में एल- स्तर के अधिकारी जिसे शिकायत अग्रसारित की गयी है का विवरण भी प्रेषित होगा। इस मौके पर जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीआरओ, एसडीएम, सीएमओ, एसपी ग्रामीण आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 के लिए लखनऊ में एक केंद्रीय काल सेंटर का निर्माण किया गया है। जिसमें 500 काल सेंटर एक्जीक्यूटिव की सीटिंग क्षमता %1000 सीटों तक विस्तारणीय% है। इस हेल्प लाइन के टोल फ्री नंबर पर 1076 पर कॉल कर कोई भी नागरिक कॉल सेंटर एक्जीक्यूटिव के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसमें नागरिकों की शिकायत, सूचना, मांग और सुझाव मामलों को व्यवहृत किया जाएगा। न्यायालय में विचाराधीन मामले, अन्य राज्य सरकार, केंद्र सरकार, विदेश सरकारों के विरूद्ध शिकायतों से संबंधित मामले, शासकीय कर्मचारियों के उनकी सेवा से संबंधित मामलें और सूचना का अधिकार अधिनियम से संबंधित मामले और धार्मिक मामलों को मुख्यमंत्री हेल्प लाइन से व्यवहृत नहीं किया जाएगा। नागरिकों के उपरोक्त प्रकार के मामले आईजीआरएस जनसुनवाई जो कि उप्र के नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों के प्रभावी निदान ओर अनुश्रवण के लिए एनआईसी द्वारा एक इंटीग्रेटेड और केंद्रीयकृत कंप्युटर सिस्टम पर पंजीकृत होंगे। प्रत्येक शिकायत को निर्धारित शिकायत श्रेणी के तहत संबंधित विभाग को आवंटित किया जाएगा। प्रत्येक शिकायत के लिए शिकायत श्रेणी के अन्तर्गत स्तर-1 से स्तर-4 अर्थात निम्न से उच्च स्तर के निर्धारित अधिकारियों के लिए अग्रसारण की व्यवस्था होगी। नागरिक की शिकायत सर्व प्रथम निवारण के लिए स्तर-1 के विभागीय अधिकारी को अग्रसारित होगी। जो निर्धारित समयसीमा के तहत प्रकरण का निस्तारण करेंगे। निस्तारण से फीड बैक उपरांत नागरिक के संतुष्ट न होने की स्थिति में इसे दोबार स्तर एक के अधिकारी को आधी समयसीमा के साथ प्रकरण अग्रसारित किया जाएगा। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने की स्थिति में मैट्रिक्स के अनुसार एक-एक कर अगले स्तर-4 तक शिकायत का अग्रसारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नागरिक विभागीय अग्रसारक मुख्यमंत्री हेल्प लाइन के टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत पंजीकरण करेंगे। कॉल सेंटर नागरिकों के कॉल का रिसिव करेगा और उनके द्वारा कि जाने वाली शिकायतों का पंजीकरण करेगा। आईजीआरएस पर शिकायतों का पंजीकरण किया जाएगा। शिकायत पंजीकरण के बाद शिकायतकर्ता एसएमएस के माध्यम से पावती प्राप्त करेगा। जिसमें शिकायत पंजीकरण नंबर के साथ शिकायत के विवरण होंगे। जिसको भविष्य में ट्रैकिंग के लिए प्रयोग किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त एसएमएस में एल- स्तर के अधिकारी जिसे शिकायत अग्रसारित की गयी है का विवरण भी प्रेषित होगा। इस मौके पर जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीआरओ, एसडीएम, सीएमओ, एसपी ग्रामीण आदि उपस्थित थे।
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