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त्रिपुरारी का पुरवा की ओर शुरू हुई कटान
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:43 PM IST
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में घटोत्तरी दर्ज की जा रही है। नदी का जलस्तर बदरहुंआ और डिघिया दोनों गेजों पर खतरा बिंदू से नीचे आ चुका है। जलस्तर घटने के साथ ही कटान में भी तेजी आ गई है। नदी का कटान का दायरा अब त्रिपुरारी का पुरवा की ओर हो रहा है।
कई दिनों तक देवारावासियों को दहशत में रखने के बाद घाघरा नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। देवारा खास राजा के मुराली के पुरवा में कटान जारी है। प़ुरवे के लाल वचन, रामवृक्ष, तीर्थराज, राधेश्याम, पूजन, शिवनाथ, परशन लालधर, जगदीश, प्रकाश, रामदरस, देवकी आवासीय मड़ई पहले ही घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है। सिर्फ रामकमल और लोरिक की मड़ई है जो कभी भी घाघरा में समा सकती है। बताते चलें कि विगत वर्ष 2016 में मुराली का पुरवा के रामचंद्र, रामअधार, रामअवध, अयोध्या, रमाशंकर और तीरथ का आशियाना घाघरा में विलीन हो चुका है। मुराली के पुरवा के लोगों ने बताया कि जब 1974 में कटान हुई थी तो उस समय 42 लोगों को 56-56 कड़ी जमीन नई वस्ती, रौनापार में मुहैया कराई गई थी। उसी में से कुछ लोग मुराली के पुरवा में बस गए। प्रशासन ने जमीन होने की बात कह कर अभी तक मुआवजा और जमीन मुहैया नहीं कराई। जब 1974 में झगरहवा नाम का पुरवा कटान से प्रभावित हुआ तो उसमें 42 लोग चिन्हित किए गए थे। जिसमें से मुराली को छोड़कर सभी की मृत्यु हो चुकी है।
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जलस्तर घटने के साथ ही कटान में भी तेजी आ गई है। मुराली का पुरवा में कटान तो हो ही रही है साथ ही नदी का कटान त्रिपुरारी का पुरवा की ओर हो गया है। जो नदी के किनारे से 400मीटर दूरी है। इसके अलावा देवारा खास राजा, मुराली का पुरवा, गलसदिया, अचल नगर, देवारा गरीब दुबे, देवारा भिक्षुक दास, देवारा राम सरन, देवारा अचल सिंह आदि गांवो में कटान जारी है।
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घट रही है घाघरा
लाटघाट। सगड़ी तहसील के उत्तरी सीमा से गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में घटोत्तरी देखने को मिल रही है। नदी का जलस्तर दोनों गेजों पर खतरा बिंदू से नीचे आ चुका है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर 71.25 मीटर और डिघिया गेज पर 70.25 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार को बदरहुंआ गेज पर 71.05 मीटर और डिघिया गेज पर 70.03 मीटर पर आ गया। नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 63सेमी और डिघिया गेज पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 37 सेमी नीचे बह रही है।
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कई दिनों तक देवारावासियों को दहशत में रखने के बाद घाघरा नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। देवारा खास राजा के मुराली के पुरवा में कटान जारी है। प़ुरवे के लाल वचन, रामवृक्ष, तीर्थराज, राधेश्याम, पूजन, शिवनाथ, परशन लालधर, जगदीश, प्रकाश, रामदरस, देवकी आवासीय मड़ई पहले ही घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है। सिर्फ रामकमल और लोरिक की मड़ई है जो कभी भी घाघरा में समा सकती है। बताते चलें कि विगत वर्ष 2016 में मुराली का पुरवा के रामचंद्र, रामअधार, रामअवध, अयोध्या, रमाशंकर और तीरथ का आशियाना घाघरा में विलीन हो चुका है। मुराली के पुरवा के लोगों ने बताया कि जब 1974 में कटान हुई थी तो उस समय 42 लोगों को 56-56 कड़ी जमीन नई वस्ती, रौनापार में मुहैया कराई गई थी। उसी में से कुछ लोग मुराली के पुरवा में बस गए। प्रशासन ने जमीन होने की बात कह कर अभी तक मुआवजा और जमीन मुहैया नहीं कराई। जब 1974 में झगरहवा नाम का पुरवा कटान से प्रभावित हुआ तो उसमें 42 लोग चिन्हित किए गए थे। जिसमें से मुराली को छोड़कर सभी की मृत्यु हो चुकी है।
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जलस्तर घटने के साथ ही कटान में भी तेजी आ गई है। मुराली का पुरवा में कटान तो हो ही रही है साथ ही नदी का कटान त्रिपुरारी का पुरवा की ओर हो गया है। जो नदी के किनारे से 400मीटर दूरी है। इसके अलावा देवारा खास राजा, मुराली का पुरवा, गलसदिया, अचल नगर, देवारा गरीब दुबे, देवारा भिक्षुक दास, देवारा राम सरन, देवारा अचल सिंह आदि गांवो में कटान जारी है।
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घट रही है घाघरा
लाटघाट। सगड़ी तहसील के उत्तरी सीमा से गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में घटोत्तरी देखने को मिल रही है। नदी का जलस्तर दोनों गेजों पर खतरा बिंदू से नीचे आ चुका है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर 71.25 मीटर और डिघिया गेज पर 70.25 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार को बदरहुंआ गेज पर 71.05 मीटर और डिघिया गेज पर 70.03 मीटर पर आ गया। नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 63सेमी और डिघिया गेज पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 37 सेमी नीचे बह रही है।