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बारिश से डायरिया और मलेरिया का प्रकोप बढ़ा
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:22 PM IST
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आजमगढ़। लगातार कई दिनों से बारिश होने से जहां मौसम सुहाना हो गया है। वहीं मौसमी बीमारी डायरिया और मलेरिया का प्रकोप बढ़ गया है। इसका अंदाजा जिला अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों के इलाज के लिए भर्ती होने के आंकड़े से लगाया जा सकता है।
बारिश में इकट्ठा पानी में तेजी से पलने वाले मच्छर मलेरिया की रफ्तार बढ़ा देते हैं। वहीं कचरों के ढेर से मक्खियां भी भी बड़ी तेजी से रोगों को फैलाती हैं। इन दिनों जिला अस्पताल में डायरिया और मलेरिया से पीड़ित होकर प्रतिदिन करीब 70 से 80 बच्चे बीमार होकर भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतने से ही बचा जा सकता है।
डायरिया से बचाव के संबंध में जिला अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ डा. रईस अहमद ने बताया कि घरों में कूलर में पानी इकट्ठा न होने दें। बच्चों का बाहरी भोजन न कराएं। घर में भी भोजन को ढंककर रखे। पानी को उबालकर पीए और पिलाएं, बच्चों का हाथ, पैर ढंककर रखे। उल्टी, दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं। वहीं मलेरिया से बचाव के संबंध में जिला अस्पताल के ही बाल रोग विशेषज्ञ डा. विमल ने बताया कि बच्चों को मच्छरों से दूर रखे। मलेरिया रोग के जरिए उसे अन्य जानलेवा बीमारी भी हो सकती है। जो बच्चे अस्थमा जैसे रोग से पीड़ित हैं उन्हें पानी से बचाएं। यदि बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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बारिश में इकट्ठा पानी में तेजी से पलने वाले मच्छर मलेरिया की रफ्तार बढ़ा देते हैं। वहीं कचरों के ढेर से मक्खियां भी भी बड़ी तेजी से रोगों को फैलाती हैं। इन दिनों जिला अस्पताल में डायरिया और मलेरिया से पीड़ित होकर प्रतिदिन करीब 70 से 80 बच्चे बीमार होकर भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतने से ही बचा जा सकता है।
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डायरिया से बचाव के संबंध में जिला अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ डा. रईस अहमद ने बताया कि घरों में कूलर में पानी इकट्ठा न होने दें। बच्चों का बाहरी भोजन न कराएं। घर में भी भोजन को ढंककर रखे। पानी को उबालकर पीए और पिलाएं, बच्चों का हाथ, पैर ढंककर रखे। उल्टी, दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं। वहीं मलेरिया से बचाव के संबंध में जिला अस्पताल के ही बाल रोग विशेषज्ञ डा. विमल ने बताया कि बच्चों को मच्छरों से दूर रखे। मलेरिया रोग के जरिए उसे अन्य जानलेवा बीमारी भी हो सकती है। जो बच्चे अस्थमा जैसे रोग से पीड़ित हैं उन्हें पानी से बचाएं। यदि बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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