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नवीनतम तकनीकि का सहारा लेकर उत्पादन बढ़ाएं किसान
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:11 PM IST
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आजमगढ़। नगर केे आईटीआई मैदान में आयोजित तीन दिवसीय एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय मेले का शुभारंभ सोमवार को कृषिमंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दीप जलाकर किया। इस दौरान उन्होंने मेले में लगे स्टाल का निरीक्षण किया और स्टाल पर लगे उपकरणों, बीजों और दवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जाएगी। उन्होंने किसानों से कहा कि अपने खेती में नवीनतम तकनीकी का सहारा लेकर उत्पादन को बढ़ाएं और गेहूं की फसल के साथ-साथ अन्य फसल भी लगाएं। लघु तथा सीमांत किसानों को जिनके पास 4.5 एकड़ फसल बोने के लिए जमीन है उनको बीज, कीटनाशक दवाईयां, फर्टिलाइजर पर अनुदान 100 प्रतिशत दिया जाएगा। जो किसान बीज अपने यहां उत्पादन करना चाहते हैं उनको 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। जिन किसानों के पास दो हेक्टेयर जमीन है और वह बीज का उत्पादन करना चाहते हैं तो उन्हें 60 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करें और पशुपालन में गिरी नस्ल की गाय रखें, जिनका दूध कैंसर रोधी होता है और देशी साहीवाल गाय रखें। भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने कहा कि खाद, बीज की पर्याप्त उपलब्धता है, किसी प्रकार की कोई कमी नही है। उन्होंने किसानों से कहा कि किसान मेले में जो जानकारी प्राप्त हो रही है उसका लाभ उठाएं। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज यंत्र पर अनुदान दिया जा रहा है। जनपद के प्रगतिशील किसानों को उन जनपदों का भ्रमण कराएं जहां पर किसानों ने अपनी कृषि से आय को दोगुना कर लिया है। उन्होंने किसानों से कहा कि सामूहिक खेती करें। मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि किसान देश की शान हैं, फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जो जानकारी दी जा रही है उसका अनुसरण करें। संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह ने बताया कि जनपद में पांच लाख हेक्टेयर में रबी फसल के तहत धान, गेहूं बोया जाता है। यूरिया, पोटाश, बीज की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और बिक्री केंद्रों पर भी वितरित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को अनुदान के संबंध में भी जानकारी दी। कृृषि वैज्ञानिक डा. एलसी वर्मा ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया।
कृषि यंत्र खरीदने वाले किसानों को किया सम्मानित
आजमगढ़। मेले में कृषि मंत्री द्वारा तहबरपुर विकास खंड के केसरी नारायण राय, रानी की सराय के मुकुंद सिंह और कोयलसा ब्लाक के रामप्यारे को कृषि यंत्र खरीदने पर उनको सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि कृषि यंत्रों पर मिलने वाली अनुदान की धनराशि उनके खाते में प्रेषित की जा चुकी है।
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मेले में इन्होंने की भागीदारी
आजमगढ़। मेले के उदघाटन अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय, अखिलेश मिश्र उर्फ गुड्डू, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र राय छोटू, अरविंद राय, प्रदेश के कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र सिंह, सुनील राय, घनश्याम पटेल, श्री कृष्णपाल, हरेंद्र सिंह, रामसिंह पालीवाल, विनोद राय, लक्ष्मण मौर्या, ऋषिकांत राय, संयुक्त कृृषि निदेशक आरके मौर्य, जिला कृषि अधिकारी उमेश गुप्ता, भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह मौर्य आदि उपस्थित थे।
नहीं पंहुच पाएं वाराणसी के किसान
अतरौलिया। किसानों को जागरूक करने के लिए 26 से 28 नवंबर तक आईटीआई मैदान में आयोजित तीन दिवसीय बृहद एग्रो क्लाइमेटिक जोन मेले में सोमवार को वाराणसी और गाजीपुर के किसानों को आना था। उप निदेशक कृषि आरके मौर्या वाराणसी के किसान जाम में फंसने के कारण कार्यक्रम खत्म होने के बाद पहुंचे। गाजीपुर के किसान आए ही नहीं। जनपद के किसान मौजूद रहे। बुधवार को कार्यक्रम में मंडल के तीनों जनपदों के किसान मौजूद रहेंगे।
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जाएगी। उन्होंने किसानों से कहा कि अपने खेती में नवीनतम तकनीकी का सहारा लेकर उत्पादन को बढ़ाएं और गेहूं की फसल के साथ-साथ अन्य फसल भी लगाएं। लघु तथा सीमांत किसानों को जिनके पास 4.5 एकड़ फसल बोने के लिए जमीन है उनको बीज, कीटनाशक दवाईयां, फर्टिलाइजर पर अनुदान 100 प्रतिशत दिया जाएगा। जो किसान बीज अपने यहां उत्पादन करना चाहते हैं उनको 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। जिन किसानों के पास दो हेक्टेयर जमीन है और वह बीज का उत्पादन करना चाहते हैं तो उन्हें 60 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करें और पशुपालन में गिरी नस्ल की गाय रखें, जिनका दूध कैंसर रोधी होता है और देशी साहीवाल गाय रखें। भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने कहा कि खाद, बीज की पर्याप्त उपलब्धता है, किसी प्रकार की कोई कमी नही है। उन्होंने किसानों से कहा कि किसान मेले में जो जानकारी प्राप्त हो रही है उसका लाभ उठाएं। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज यंत्र पर अनुदान दिया जा रहा है। जनपद के प्रगतिशील किसानों को उन जनपदों का भ्रमण कराएं जहां पर किसानों ने अपनी कृषि से आय को दोगुना कर लिया है। उन्होंने किसानों से कहा कि सामूहिक खेती करें। मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि किसान देश की शान हैं, फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जो जानकारी दी जा रही है उसका अनुसरण करें। संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह ने बताया कि जनपद में पांच लाख हेक्टेयर में रबी फसल के तहत धान, गेहूं बोया जाता है। यूरिया, पोटाश, बीज की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और बिक्री केंद्रों पर भी वितरित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को अनुदान के संबंध में भी जानकारी दी। कृृषि वैज्ञानिक डा. एलसी वर्मा ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया।
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कृषि यंत्र खरीदने वाले किसानों को किया सम्मानित
आजमगढ़। मेले में कृषि मंत्री द्वारा तहबरपुर विकास खंड के केसरी नारायण राय, रानी की सराय के मुकुंद सिंह और कोयलसा ब्लाक के रामप्यारे को कृषि यंत्र खरीदने पर उनको सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि कृषि यंत्रों पर मिलने वाली अनुदान की धनराशि उनके खाते में प्रेषित की जा चुकी है।
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मेले में इन्होंने की भागीदारी
आजमगढ़। मेले के उदघाटन अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय, अखिलेश मिश्र उर्फ गुड्डू, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र राय छोटू, अरविंद राय, प्रदेश के कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र सिंह, सुनील राय, घनश्याम पटेल, श्री कृष्णपाल, हरेंद्र सिंह, रामसिंह पालीवाल, विनोद राय, लक्ष्मण मौर्या, ऋषिकांत राय, संयुक्त कृृषि निदेशक आरके मौर्य, जिला कृषि अधिकारी उमेश गुप्ता, भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह मौर्य आदि उपस्थित थे।
नहीं पंहुच पाएं वाराणसी के किसान
अतरौलिया। किसानों को जागरूक करने के लिए 26 से 28 नवंबर तक आईटीआई मैदान में आयोजित तीन दिवसीय बृहद एग्रो क्लाइमेटिक जोन मेले में सोमवार को वाराणसी और गाजीपुर के किसानों को आना था। उप निदेशक कृषि आरके मौर्या वाराणसी के किसान जाम में फंसने के कारण कार्यक्रम खत्म होने के बाद पहुंचे। गाजीपुर के किसान आए ही नहीं। जनपद के किसान मौजूद रहे। बुधवार को कार्यक्रम में मंडल के तीनों जनपदों के किसान मौजूद रहेंगे।