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रेशमी साड़ी उद्योग को जीएसटी के दायरे बाहर रखने कीमांग
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:31 PM IST
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जहानागंज। जीएसटी के विरोध में शनिवार को कस्बा स्थित मस्जिद में बुनकरों ने दुआख्वानी की। बाद में मस्जिद के बाहरनिकल शांति प्रदर्शन किया। बुनकरों ने केंद्र सरकार से रेशमी साड़ी उद्योग को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की।
जीएसटी के विरोध में शनिवार की दोपहर ढाई बजे कस्बा स्थित बड़ी मस्जिद में क्षेत्र के बुनकर मौलाना मतलूब अहमद के नेतृत्व में रेशमी साड़ी उद्योग को जीएसटी के दायरे बाहर रखने के लिए दुआख्वानी की। इसके बाद बुनकर मस्जिद के बाहर आए और मांगों को लेकर शांति ढंग से प्रदर्शन किया। बुनकर मु. साबिर ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि बुनकरों पर कोई टैक्स लगा है। कहा कि सनसटिक धागे पर 18 प्रतिशत टैक्स है, इसके बाद बुनकर साड़ी बनाएगा तो उस पर पांच प्रतिशत टैक्स लगेगा। हम लोगों को डबल टैक्स देना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से जीएसटी को इस कारोबार को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की। कहा कि मांगें माने जाने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस अवसर पर मौलाना अब्दुल रब, मंजुर, कमाल असगर, मु. यूनुस, नजरे आलम, हाजी अतहर, सफीक नेता, अजहर, अबरार उर्फ मुन्ना, हाजी नोमान, हाजी शौकत, मु. कामिल आदि बुनकर मौजूद रहे।
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जीएसटी के विरोध में शनिवार की दोपहर ढाई बजे कस्बा स्थित बड़ी मस्जिद में क्षेत्र के बुनकर मौलाना मतलूब अहमद के नेतृत्व में रेशमी साड़ी उद्योग को जीएसटी के दायरे बाहर रखने के लिए दुआख्वानी की। इसके बाद बुनकर मस्जिद के बाहर आए और मांगों को लेकर शांति ढंग से प्रदर्शन किया। बुनकर मु. साबिर ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि बुनकरों पर कोई टैक्स लगा है। कहा कि सनसटिक धागे पर 18 प्रतिशत टैक्स है, इसके बाद बुनकर साड़ी बनाएगा तो उस पर पांच प्रतिशत टैक्स लगेगा। हम लोगों को डबल टैक्स देना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से जीएसटी को इस कारोबार को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की। कहा कि मांगें माने जाने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस अवसर पर मौलाना अब्दुल रब, मंजुर, कमाल असगर, मु. यूनुस, नजरे आलम, हाजी अतहर, सफीक नेता, अजहर, अबरार उर्फ मुन्ना, हाजी नोमान, हाजी शौकत, मु. कामिल आदि बुनकर मौजूद रहे।
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