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शासन के आदेश की उड़ रही धज्जियां, शिक्षा विभाग साधे है मौन
Updated Thu, 03 May 2018 12:08 AM IST
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आजमगढ़। प्रदेश सरकार ने प्राइवेट विद्यालयों में पुन: प्रवेश शुल्क वसूली पर जहां पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है तो वहीं अधिकतम 20 हजार रुपये वार्षिक फीस वसूल सकते है। शासन के इस निर्देश की जिले में जम कर धज्जियां उड़ रही है और शिक्षा विभाग मौन साधे हुए है। मंगलवार को शहर के एलवल मुहल्ला स्थित एक प्राइवेट स्कूल के छात्रों ने जिलाधिकारी से मिल कर शिकायत दर्ज करायी। जिस पर जिलाधिकारी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
प्रतिष्ठित स्कूल के बच्चों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन रिएडमिशन फीस के रुप में प्रत्येक बच्चों से 11 हजार रुपये वसूल रहा है। इसके साथ ही 2200 रुपये मासिक फीस वसूल की जा रही है। साल भर की फीस को जोड़ दिया जाये तो यह धनराशि 37400 रुपये हो रही है। जो शासन द्वारा निर्धारित वार्षिक फीस 20 हजार से लगभग दोगुनी है। छात्रों का कहना था कि हमने पूर्व में भी शिकायत दर्ज करायी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से विद्यालय प्रशासन के हौसले बुलंद है। यदि यही स्थिति रही तो हम गरीब परिवार के बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर पायेगे। छात्रों ने जिलाधिकारनी ने न्याय दिलाये जाने की मांग की। छात्रों के शिकायती पत्र पर जिलाधिकारी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। पत्रक सौंपने वालों में विवेक, सौरभ, अजय, मंजीत, धीरेंद्र समेत दर्जन भर छात्र शामिल रहे।
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प्रतिष्ठित स्कूल के बच्चों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन रिएडमिशन फीस के रुप में प्रत्येक बच्चों से 11 हजार रुपये वसूल रहा है। इसके साथ ही 2200 रुपये मासिक फीस वसूल की जा रही है। साल भर की फीस को जोड़ दिया जाये तो यह धनराशि 37400 रुपये हो रही है। जो शासन द्वारा निर्धारित वार्षिक फीस 20 हजार से लगभग दोगुनी है। छात्रों का कहना था कि हमने पूर्व में भी शिकायत दर्ज करायी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से विद्यालय प्रशासन के हौसले बुलंद है। यदि यही स्थिति रही तो हम गरीब परिवार के बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर पायेगे। छात्रों ने जिलाधिकारनी ने न्याय दिलाये जाने की मांग की। छात्रों के शिकायती पत्र पर जिलाधिकारी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। पत्रक सौंपने वालों में विवेक, सौरभ, अजय, मंजीत, धीरेंद्र समेत दर्जन भर छात्र शामिल रहे।
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