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मंडलायुक्त के निरीक्षण को लेकर कलेक्ट्रेट में रहा अफरा-तफरी का माहौल
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। एक तरफ फरियादी परेशान दिखे तो दूसरी तरफ विभागों के बाबुओं को मंडलायुक्त के सवालों का जवाब देने में पसीने छूट रहे थे। अभिलेखों के रख-रखाव में कमियों पर 10 दिनों में सुधार का निर्देश दिया। एपीओ डूडा के लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत पर उन्होंने उन्हें तत्काल निलंबित करने और विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त सबसे पहले शिकायत प्रकोष्ठ में पहुंचकर माहवार शिकायतों की फाइल इंडेक्स के अनुसार बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद जिलाधिकारी कोर्ट, एडीएम प्रशासन और एडीएम वित्त एवं राजस्व कोर्ट का निरीक्षण कर पांच वर्ष से पुराने मुकदमों के निपटारे का निर्देश दिया। साथ ही फाइलों के रख-रखाव को ठीक करने का निर्देश दिया। एडीएम वित्त के न्यायालय में पुराने आदेशों की अमल दरामद न होने की एक अधिवक्ता की शिकायत पर तत्काल अमल दरामद कराने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने पुरानी फाइलों को पीले और स्टे आदि की पत्रावली को गुलाबी रंग की फाइलों में रखने का निर्देश दिया। विविध लिपिक कक्ष में लिपिक ज्योति प्रकाश श्रीवास्तव से जानकारी ली और जिलाधिकारी को उन्हें जांच के लिए लेजर स्कैनर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सीलिंग अनुभाग में लिपिक प्रकाश सिंह को अभिलेख सही ढ़ंग से न रखने पर फटकार लगाई। सीलिंग प्रभारी एडीएम वित्त एवं रोेेजस्व को इसमें तीन दिन में सुधार कराने और सीलिंग के सभी मामलों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। संयुक्त कार्यालय में पहुंचकर उन्होंने जीसी बाबू से कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका दिखाने के लिए कहा। कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका अपडेट न रहने पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर इसमें 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। एडीएम प्रशासन ने डूडा की एपीओ मीना सिंह के लगातार कार्यालय से अनुपस्थित रहने की शिकायत की। इस पर मंडलायुक्त ने तत्काल उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता, एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी, मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा, एसडीएम सदर प्रशांत कुमार भारती, एसडीएम सगड़ी रविरंजन आदि उपस्थित थे।
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मंडलायुक्त सबसे पहले शिकायत प्रकोष्ठ में पहुंचकर माहवार शिकायतों की फाइल इंडेक्स के अनुसार बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद जिलाधिकारी कोर्ट, एडीएम प्रशासन और एडीएम वित्त एवं राजस्व कोर्ट का निरीक्षण कर पांच वर्ष से पुराने मुकदमों के निपटारे का निर्देश दिया। साथ ही फाइलों के रख-रखाव को ठीक करने का निर्देश दिया। एडीएम वित्त के न्यायालय में पुराने आदेशों की अमल दरामद न होने की एक अधिवक्ता की शिकायत पर तत्काल अमल दरामद कराने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने पुरानी फाइलों को पीले और स्टे आदि की पत्रावली को गुलाबी रंग की फाइलों में रखने का निर्देश दिया। विविध लिपिक कक्ष में लिपिक ज्योति प्रकाश श्रीवास्तव से जानकारी ली और जिलाधिकारी को उन्हें जांच के लिए लेजर स्कैनर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सीलिंग अनुभाग में लिपिक प्रकाश सिंह को अभिलेख सही ढ़ंग से न रखने पर फटकार लगाई। सीलिंग प्रभारी एडीएम वित्त एवं रोेेजस्व को इसमें तीन दिन में सुधार कराने और सीलिंग के सभी मामलों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। संयुक्त कार्यालय में पहुंचकर उन्होंने जीसी बाबू से कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका दिखाने के लिए कहा। कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका अपडेट न रहने पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर इसमें 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। एडीएम प्रशासन ने डूडा की एपीओ मीना सिंह के लगातार कार्यालय से अनुपस्थित रहने की शिकायत की। इस पर मंडलायुक्त ने तत्काल उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता, एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी, मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा, एसडीएम सदर प्रशांत कुमार भारती, एसडीएम सगड़ी रविरंजन आदि उपस्थित थे।
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