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तीन साल बाद मां से मिला बिछड़ा बेटा
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:10 AM IST
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अहरौला । पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी के लिए दिल पर पत्थर रखकर तीन वर्ष के जिस बेटे को मां ने अपने से दूर कर दिया था उसे उसके दूसरे पति ने ही फिर से उसकी मां से मिला दिया। बुधवार को इसका गवाह बना अहरौला थाना और वहां के लोग।
दीदारगंज क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी सुनीता का बेटा सूरज तीन वर्ष का था तो उसके पिता सुबेदा गोंड़ की मौत हो गई। कम उम्र में सुहाग उजड़ जाने पर सुनीता के रिश्तेदार तहबरपुर क्षेत्र के बेलवा गांव निवासी रामहित ने उसकी दूसरी शादी हरियाणा निवासी प्रकाश से करा दी। उसने सुनीता से बेटे के विषय में किसी से कोई जिक्र न करने को कहा और सूरज को अहरौला थाना क्षेत्र के बहराकोठी गांव निवासी रामअचल राम को सौंप दिया। रामअचल सूरज को कहीं बेचने ले जा रहा था कि गांव के चौकीदार की सूचना पर अहरौला पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बच्चे के मिलने की सूचना पर अंबेडकर नगर जिले के जैतपुर थाने के बड़ौरा गांव निवासी अखिलेश गोंड़ दिल्ली से आए और सूरज को अपना खोया बेटा बताते हुए अपने साथ लेकर दिल्ली चले गए। उनका बेटा दिल्ली से गायब हुआ था, थाने में इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। अखिलेश सूरज की परवरिश करने लगा। उधर शादी के बाद सुनीता ने दूसरे पति प्रकाश को विश्वास में लेकर सारी बात बता दी। एक सप्ताह पूर्व प्रकाश ने बेटे सूरज को वापस लेने के लिए अहरौला पुलिस से संपर्क किया। बुधवार को अहरौला पुलिस ने अखिलेश को सूरज के साथ अहरौला थाने बुलाया और बुधवार को सूरज को उसकी असली मां सुनीता से मिला दिया। सीओ बूढनपुर श्यामनरायण ने बताया कि सूरज को उसकी मां सुनीता को सौंप दिया गया है। कागजी कोरम पूरा करने के लिए गुरुवार को उन्हें थाने पर बुलाया गया है।
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दीदारगंज क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी सुनीता का बेटा सूरज तीन वर्ष का था तो उसके पिता सुबेदा गोंड़ की मौत हो गई। कम उम्र में सुहाग उजड़ जाने पर सुनीता के रिश्तेदार तहबरपुर क्षेत्र के बेलवा गांव निवासी रामहित ने उसकी दूसरी शादी हरियाणा निवासी प्रकाश से करा दी। उसने सुनीता से बेटे के विषय में किसी से कोई जिक्र न करने को कहा और सूरज को अहरौला थाना क्षेत्र के बहराकोठी गांव निवासी रामअचल राम को सौंप दिया। रामअचल सूरज को कहीं बेचने ले जा रहा था कि गांव के चौकीदार की सूचना पर अहरौला पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बच्चे के मिलने की सूचना पर अंबेडकर नगर जिले के जैतपुर थाने के बड़ौरा गांव निवासी अखिलेश गोंड़ दिल्ली से आए और सूरज को अपना खोया बेटा बताते हुए अपने साथ लेकर दिल्ली चले गए। उनका बेटा दिल्ली से गायब हुआ था, थाने में इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। अखिलेश सूरज की परवरिश करने लगा। उधर शादी के बाद सुनीता ने दूसरे पति प्रकाश को विश्वास में लेकर सारी बात बता दी। एक सप्ताह पूर्व प्रकाश ने बेटे सूरज को वापस लेने के लिए अहरौला पुलिस से संपर्क किया। बुधवार को अहरौला पुलिस ने अखिलेश को सूरज के साथ अहरौला थाने बुलाया और बुधवार को सूरज को उसकी असली मां सुनीता से मिला दिया। सीओ बूढनपुर श्यामनरायण ने बताया कि सूरज को उसकी मां सुनीता को सौंप दिया गया है। कागजी कोरम पूरा करने के लिए गुरुवार को उन्हें थाने पर बुलाया गया है।
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