आजमगढ़। जिला न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को न्यायालय परिसर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें निस्तारण के लिए कुल चिन्हित वाद 133911 के सापेक्ष 113713 वाद निस्तारित किए गए। इसमें 299688202 धनराशि का समझौता हुआ। प्रीलिटिगेशन स्तर पर 96392 और कोर्ट से 17321 दीवानी व फौजदारी वाद निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर व वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। जिला न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत आम आदमी के लिए उपलब्ध एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जिसके माध्यम से विवाद का निपटारा निशुल्क व त्वरित किया जाता है।
लोक अदालत में दिया गया फैसला अंतिम होता है, उसके खिलाफ किसी ऊपरी न्यायालय में अपील नहीं होती हैं। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मुकेश कुमार सिंह प्रथम ने कुल 141, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय अजय कुमार शाही ने 02, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक कमला पति ने 02, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 03 अजय श्रीवास्तव ने 16, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट विजय कुमार वर्मा ने 02, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संतोष कुमार यादव की ओर से 15 वादों का निस्तारण किया गया। इसी प्रकार विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की ओर से 708, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने 3807 वादों का निस्तारण किया। पारिवारिक न्यायालय से प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अहसानुल्लाह खान ने 81, अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय संख्या 01 प्रेम शंकर ने 53 वादों और अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय संख्या 02 संदीपा यादव की ओर से 60 वादों का निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण करते अतिथि। श्रोत-जिला सूचना कार्यालय