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नई महायोजना में आई कुल
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आजमगढ़। नई महायोजना के प्रस्ताव पर मांगी गई आपत्तियों के अंतिम दिन तक कुल 890 आपत्तियां आजमगढ़ विकास प्राधिकरण प्राप्त हुई हैं। इसमें सबसे ज्यादा आपत्तियां हरबंशपुर स्थित पहलवान तिराहे से लेकर सिधारी हाइडिल के बीच लैंड यूज परिवर्तन के लिए आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। नई महायोजना में इस क्षेत्र को वनीकरण, पार्क, क्रीड़ा और जिला कारागार के लिए आरक्षित किया गया है जबकि इस क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में आवासीय और व्यवसायिक भवनों का निर्माण हो चुका है। इसके साथ ही इस महायोजना में जिला कारागार के लिए भूमि को आरक्षित किया गया है जबकि छतवारा मोड़ पर नए कारागार का निर्माण पूरा हो चुका है और यह संचालित भी हो रहा है। अब एडीए इन आपत्तियों को क्षेत्रवार लिस्टिंग करने में जुटा हुआ है।
जनपद में नई महायोजना 2031 लागू होनी है। इस महायोजना को लागू करने के लिए एडीए द्वारा काफी दिनों से मशक्कत की जा रही थी। कई बार शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया लेकिन प्रदेशीय कमेटी ने उसमें आपत्तियां लगाकर वापस कर दिया। काफी मेहनत के बाद नई महायोजना का ड्राफ्ट पुन: भेजा गया जिसे एडीए कार्यालय में प्रदर्शित कर लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी गईं। इसके लिए एडीए ने 24 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की थी। रविवार को अंतिम दिन तक 890 आपत्तियां एडीए को मिलीं।
सबसे ज्यादा आपत्तियां अइनियां, रामपुर, नरौली, हरैया, बिजौरा, मड़या जयराम और देवपार में प्राप्त हुई हैं। नई महायोजना में अइनियां को पार्क क्रीड़ा दर्शाया गया है जिसे बदलकर आवासीय करने की बात है। रामपुर में जिला कारागार की भूमि आरक्षित है जिसे बदलकर आवासीय करने, नरौली में वनीकरण, क्रीड़ा और पार्क की आरक्षित भूमि को बदलकर आवासीय करने का सुझाव है। मड़या जयराम को वनीकरण से बदलकर आवासीय, देवपार को पार्क, क्रीड़ा और कृषि क्षेत्र से बदलकर आवासीय, हरैया को इंडस्ट्रियल, आवासीय, क्रीड़ा और पार्क से बदलकर आवासीय और विजौरा को इंडस्ट्रियल से आवासीय करने के लिए आपत्ति दाखिल की गई है।
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प्राप्त 890 आपत्तियों की क्षेत्रवार लिस्ट तैयार की जा रही है जिसे टाउन प्लानर के पास भेजा जाएगा। इसे जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। एक-एक शिकायत पर चर्चा होगी। इनका निस्तारण करने केे बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की अनुमति से इसे प्रदेशीय कमेटी के पास भेजा जाएगा।
बृजभूषण विश्वकर्मा, ड्राफ्टमैन।
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जनपद में नई महायोजना 2031 लागू होनी है। इस महायोजना को लागू करने के लिए एडीए द्वारा काफी दिनों से मशक्कत की जा रही थी। कई बार शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया लेकिन प्रदेशीय कमेटी ने उसमें आपत्तियां लगाकर वापस कर दिया। काफी मेहनत के बाद नई महायोजना का ड्राफ्ट पुन: भेजा गया जिसे एडीए कार्यालय में प्रदर्शित कर लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी गईं। इसके लिए एडीए ने 24 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की थी। रविवार को अंतिम दिन तक 890 आपत्तियां एडीए को मिलीं।
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सबसे ज्यादा आपत्तियां अइनियां, रामपुर, नरौली, हरैया, बिजौरा, मड़या जयराम और देवपार में प्राप्त हुई हैं। नई महायोजना में अइनियां को पार्क क्रीड़ा दर्शाया गया है जिसे बदलकर आवासीय करने की बात है। रामपुर में जिला कारागार की भूमि आरक्षित है जिसे बदलकर आवासीय करने, नरौली में वनीकरण, क्रीड़ा और पार्क की आरक्षित भूमि को बदलकर आवासीय करने का सुझाव है। मड़या जयराम को वनीकरण से बदलकर आवासीय, देवपार को पार्क, क्रीड़ा और कृषि क्षेत्र से बदलकर आवासीय, हरैया को इंडस्ट्रियल, आवासीय, क्रीड़ा और पार्क से बदलकर आवासीय और विजौरा को इंडस्ट्रियल से आवासीय करने के लिए आपत्ति दाखिल की गई है।
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प्राप्त 890 आपत्तियों की क्षेत्रवार लिस्ट तैयार की जा रही है जिसे टाउन प्लानर के पास भेजा जाएगा। इसे जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। एक-एक शिकायत पर चर्चा होगी। इनका निस्तारण करने केे बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की अनुमति से इसे प्रदेशीय कमेटी के पास भेजा जाएगा।
बृजभूषण विश्वकर्मा, ड्राफ्टमैन।