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सिल्ट से पटी नहरों की कोख, आखिर कैसे टेल तक पहुंचे पानी
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:47 AM IST
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आजमगढ़। जब धान में पानी की जरूरत थी तो जिले की नहरें सूखी थी। किसी तरह से किसानों ने अपनी फसल बचाई। अब गेहूं की बुआई के लिए खेतों में पानी भरना है तो जिले की नहरों से धूल उड़ रही है। ऐसे में किसानों की सांस अटकी हुई है आखिर वह किस प्रकार खेत की भराई करें। ऐसे में उनकी गेहूं की बुआई पिछड़ रही है।
अंबारी प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर तहसील के खेमिपुर, बागबहार, मैगना, गोधना, अंबारी, फूलपुर, खोरासों होकर निकलने वाली शारदा सहायक खंड 32 नहर की सफाई न होने से नहर में घास फूस और मिट्टी जमा हो गई है। जिसके कारण टेल तक पानी पहुंचना नामुमकिन दिख रहा है। वर्तमान में नहर में पानी नहीं है लेकिन इसके आने पर ओवरफ्लो होने की संभावना से किसान चिंतित हैं। कटानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार महाराजगंज क्षेत्र से गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 32 नहर में पानी न आने से किसानों में रोष व्याप्त है किसानों का कहना है कि इस समय खेतों सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता है लेकिन 15 दिनों से नहर में पानी नहीं है नहर सूखी पड़ी है। फूलपुर और मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवो से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 32 नहर में पानी न आने से क्षेत्र के हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिसके चलते रवि की बुवाई अधर में लटक गई है। नहर में पानी के लिए किसानों ने कई बार समाधान दिवस पर उच्चाधिकारिओ से लिखित शिकायत दर्ज कराई। लेकिन अधिकारी मौन साधे हुए हैं। तहबरपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बसही बंदेदासपुर माईनर में पानी नहीं है। इसमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। किसानों का आरोप है कभी भी इसमें समय पर पानी उपलब्ध नहीं होता है। वर्तमान में भी माइनर का यही हाल है, जिसके कारण किसान हलकान हैं कि किस प्रकार वह अपने खेत की सिंचाई करें। पल्हनी प्रतिनिधि के अनुसार शारदा सहायक खंड 32 नहर में सिल्ट जमा होने के कारण एक तरफ किसानों को पानी नहीं मिल रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ किसानों का आरोप है कि नहर आगे पानी नहीं जाने से इधर-उधर टूटने से फसल फसलें बर्बाद होती हैं ग्राम प्रधान चंद्रशेखर ने बताया कि चकवारा से लेकर किशुनपुर तक नहर नाले में तब्दील हो गई है। इसके बीच में इतनी घास जमा हो गई है कि पानी का बहाव बाधित हो गया है।
इनसेट
कम बारिश के चलते फैजाबाद से पानी छोड़ने के दौरान आधे रास्ते में ही पानी समाप्त हो जा रहा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है शीघ्र समस्या का समाधान हो जाएगा।
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राम नगीना सिंह, अवर अभियंता, शारदा सहायक खंड-32।
अंबारी प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर तहसील के खेमिपुर, बागबहार, मैगना, गोधना, अंबारी, फूलपुर, खोरासों होकर निकलने वाली शारदा सहायक खंड 32 नहर की सफाई न होने से नहर में घास फूस और मिट्टी जमा हो गई है। जिसके कारण टेल तक पानी पहुंचना नामुमकिन दिख रहा है। वर्तमान में नहर में पानी नहीं है लेकिन इसके आने पर ओवरफ्लो होने की संभावना से किसान चिंतित हैं। कटानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार महाराजगंज क्षेत्र से गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 32 नहर में पानी न आने से किसानों में रोष व्याप्त है किसानों का कहना है कि इस समय खेतों सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता है लेकिन 15 दिनों से नहर में पानी नहीं है नहर सूखी पड़ी है। फूलपुर और मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवो से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 32 नहर में पानी न आने से क्षेत्र के हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिसके चलते रवि की बुवाई अधर में लटक गई है। नहर में पानी के लिए किसानों ने कई बार समाधान दिवस पर उच्चाधिकारिओ से लिखित शिकायत दर्ज कराई। लेकिन अधिकारी मौन साधे हुए हैं। तहबरपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बसही बंदेदासपुर माईनर में पानी नहीं है। इसमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। किसानों का आरोप है कभी भी इसमें समय पर पानी उपलब्ध नहीं होता है। वर्तमान में भी माइनर का यही हाल है, जिसके कारण किसान हलकान हैं कि किस प्रकार वह अपने खेत की सिंचाई करें। पल्हनी प्रतिनिधि के अनुसार शारदा सहायक खंड 32 नहर में सिल्ट जमा होने के कारण एक तरफ किसानों को पानी नहीं मिल रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ किसानों का आरोप है कि नहर आगे पानी नहीं जाने से इधर-उधर टूटने से फसल फसलें बर्बाद होती हैं ग्राम प्रधान चंद्रशेखर ने बताया कि चकवारा से लेकर किशुनपुर तक नहर नाले में तब्दील हो गई है। इसके बीच में इतनी घास जमा हो गई है कि पानी का बहाव बाधित हो गया है।
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इनसेट
कम बारिश के चलते फैजाबाद से पानी छोड़ने के दौरान आधे रास्ते में ही पानी समाप्त हो जा रहा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है शीघ्र समस्या का समाधान हो जाएगा।
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राम नगीना सिंह, अवर अभियंता, शारदा सहायक खंड-32।