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शिक्षा से संस्कृति और संस्कार का विकास संभव
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:01 AM IST
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मेंहनगर। सूर्यनाथ सिंह महाविद्यालय घिनहापुर में मंगलवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं संगोष्ठी में पूर्वांचल विवि के कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि शिक्षा से संस्कृति और संस्कार का विकास संभव है। उन्होंने युवाओं के स्वामी विवेकानंद के पदचिह्नों पर चलने की सीख दी।
प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि युवा पीढ़ी संस्कृति और संस्कारों से दूर होती जा रही है। इससे हमारी सभ्यता को खतरा है। युवाओं को वेदों की तरफ लौटकर आना चाहिए। वेद और योग साधना की शिक्षा लेनी चाहिए। संस्कृति और सभ्यता के लिए प्रसिद्ध भारत की गरिमा बनाए रखें। युवाओं को स्वामी विवेकानंद के पदचिह्नों पर चल कर देश का का नाम गौरवान्वित करना चहिए। प्रचार्या डा. प्रतिमा सिंह ने सभी का आभार जताया। दयाशंकर सिंह, डा. राकेश सिंह सिंह, अक्षय सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रान्त कार्यवाहक सुरेश शुक्ला, संतोष, विरेन्द्र नाथ यादव उपस्थित रहे।
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प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि युवा पीढ़ी संस्कृति और संस्कारों से दूर होती जा रही है। इससे हमारी सभ्यता को खतरा है। युवाओं को वेदों की तरफ लौटकर आना चाहिए। वेद और योग साधना की शिक्षा लेनी चाहिए। संस्कृति और सभ्यता के लिए प्रसिद्ध भारत की गरिमा बनाए रखें। युवाओं को स्वामी विवेकानंद के पदचिह्नों पर चल कर देश का का नाम गौरवान्वित करना चहिए। प्रचार्या डा. प्रतिमा सिंह ने सभी का आभार जताया। दयाशंकर सिंह, डा. राकेश सिंह सिंह, अक्षय सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रान्त कार्यवाहक सुरेश शुक्ला, संतोष, विरेन्द्र नाथ यादव उपस्थित रहे।
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