रानी की सराय। विद्युत विभाग के पास खंभों की कमी हो गई है। जिसके कारण उसे पेड़ों को पोल के रूप में इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा जमालपुर माफी गांव की नहर के पास देखा जा सकता है। जहां विभाग द्वारा पेड़ों पर इंसुलेटर लगाकर 11 हजार वोल्ट का तार दौड़ा दिया गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को हमेशा दुर्घटना होने का खतरा सताता रहता है।
जमालपुर माफी गांव के समीप नहर किनारे सेमर के पेड़ की डाल पर इंसुलेटर लगा बिजली की सप्लाई की जा रही है। बारिश के दौरान अक्सर पेड़ में करंट उतर जाता है। इससे ग्रामीणों में दुर्घटना का डर बना हुआ है। ग्रामीण कमलेश, आर्यन, मेवा, श्रवण कुमार का कहना है कि खंभे के लिए कई बार बिजली विभाग को बोला गया है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हर पल डर लगा रहता है। बारिश के दौरान पेड़ को छूने से झटका लगता रहता है। नहर के किनारे गांव के लोग अपने पशुओं को चराने आते हैं। पेड़ों के जरिए दौड़ाएं गए बिजली के तार को लेकर कई बार विभाग से शिकायत की गई, लेकिन विभाग मौन है, लगता है विभाग को किसी की मौत का इंतजार है। इस संबंध में ऊंची गोदाम विद्युत उपकेंद्र के जेई लक्ष्मण राम ने बताया कि यह मुझे हैंडओवर नहीं हुआ है। वहीं एसडीओ मुबारक जितेंद्र कुमार ने कहा कि इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है।