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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   11 sentenced to life for murder

हत्या के जुर्म में 11 को उम्रकैद

Fri, 23 Dec 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Fri, 23 Dec 2016 12:04 AM IST
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जहानागंज कस्बे में वर्ष 2007 में चार लोगों की गोली मारकर की गई हत्या मामले में दोषी पाए गए ग्यारह अभियुक्तों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार की अदालत ने गुरुवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 14-14 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर अभियुक्तों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। इस मामले का एक अन्य आरोपी परवेज को अदालत ने नाबालिग पाते हुए उसकी पत्रावली किशोर बोर्ड न्यायालय को भेज दी।
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   जहानागंज कस्बा बाजार निवासी जब्बार, फारुक, अकरम और इम्तेयाज की 13 अप्रैल 2007 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मुख्तार अहमद पुत्र जब्बार ने 11लोगों के विरुद्ध स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि कस्बे के ही मोबिन अहमद से रंजिश चल रही थी।
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इसी रंजिश को लेकर घटना की शाम लगभग पांच बजे वादी मुकदमा घर के बाहर पान की दुकान पर खड़ा था। तभी सिराजुद्दीन पुत्र निजामुद्दीन, अब्दुलरब पुत्र अब्दुल हक, परवेज आलम पुत्र मोबिन, मोहम्मद अलाउद्दीन पुत्र सिराजुद्दीन, शाह आलम और नूर आलम पुत्रगण सुल्तान, इकबाल पुत्र अब्दुल खालिद, शकील पुत्र मोबिन, रेयाजुद्दी उर्फ मलिकार पुत्र निजामुद्दीन, कमरुद्दीन पुत्र निजामुद्दीन,  नसीम उर्फ छोटक पुत्र सुबहान, अनवार पुत्र सुल्तान अवैध असलहों के साथ आए। हमलावरों ने वादी मुकदमा पर फायर झोंक दिया। वादी मुकदमा मुख्तार बगीचा बाजार स्थित दूकान की तरफ भाग गया। वहां पहुंचने पर उसके पिता जब्बार, चाचा फारुक की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद हमलावर वादी मुकदमा के घर में घुसे और उसके भाई अकरम और इम्तेयाज की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
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   इस मुकदमे की अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे जिला शासकीय   अधिवक्ता दशरथ यादव, सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कुल दस गवाहों को अदालत में पेश किया। गवाहों में  वादी मुकदमा मुख्तार अहमद, डा. एवी त्रिपाठी, डा. केएन पांडेय, रेयाज, थानाध्यक्ष मनोज पांडेय, प्रशांत कुमार, एसआई अवधेश सिंह, एसआई पंचबहादुर सिंह, हेड कासंटेबुल सुल्तान शामिल रहे। अदालत ने तर्कों को सुनने के बाद हत्यारोपियों को दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई।
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