फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   मानवता के उपासक और सिद्धांतवादी थे डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

मानवता के उपासक और सिद्धांतवादी थे डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

Fri, 06 Jul 2018 11:56 PM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
मानवता के उपासक और सिद्धांतवादी थे डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
आजमगढ़। प्रसिद्ध शिक्षाविद्, चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 117वीं जयंती पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य अखिलेश कुमार मिश्र गुड्डू ने जिला महिला अस्पताल में मरीजों के बीच फल वितरित किया। इसके पूर्व मुंडा में गोष्ठी आयोजित हुई। अखिलेश कुमार मिश्र गुड्डू ने कहा कि डा. मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। अपनी विद्वता, विचार-परिपक्वता और कर्मठता के लिए प्रसिद्ध थे। वे सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धांतवादी थे। उनकी ओर से जनसंघ के रूप में रोपा गया एक पौधा आज भाजपा के रूप में विशाल वटवृक्ष की तरह फैला है। डा. मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने अपनी कुर्बानी दी। डा. मुखर्जी इस धारणा के प्रबल समर्थक थे कि सांस्कृतिक दृष्टि से हम सब एक है, इसलिए धर्म के आधार पर वे विभाजन के कट्टर विरोधी थे। उनका मानना था कि आधारभूत सत्य यह है कि हम सब एक हैं। हममें कोई अंतर नहीं है, हम सब एक ही रक्त के हैं, एक ही भाषा एक ही संस्कृति और एक ही हमारी विरासत है। गोष्ठी में नगर अध्यक्ष विनयप्रकाश गुप्त, अशोक सिंह, महेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, धनंजय राय मुन्ना, रामकृपाल उपाध्याय, दीप नरायन मिश्र, सूर्यमणि सिंह, उदय सिंह, राकेश सिंह, सुरेश शर्मा, पंकज सिंह कौशिक, गणेश शंकर मिश्रा, शब्द प्रकाश सिंह, विनीत सिंह रीशू, जूही श्रीवास्तव, अवनीश चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
विज्ञापन


भाजपाई ने मनाई जयंती
आजमगढ़। भाजपा नगर अध्यक्ष विनय प्रकाश गुप्त के नेतृत्व मे नगर इकाई की बैठक बड़ गणेश मंदिर पर हुई। डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली की तैयारी को लेकर रणनीति बनाई गई। जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने कहा कि डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी महान शिक्षाविद, मानवता के उपासक, राष्ट्रवादी और जनसंघ के संस्थापक थे। भारत के सांप्रदायिक आधार पर विभाजन का उन्होंने विरोध किया था। जम्मू-कश्मीर में अलग विधान, अलग प्रधान, अलग निशान का भी विरोध किया। महंत राजेश मिश्रा, हौसला प्रसाद उपाध्याय अजय सिंह ,विनोद अग्रवाल, अजय अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, डा.राजेंद्र प्रसाद श्रीवस्तव, डा. संचिता बनर्जी, डा.पूनम सिंह, आशमा सिंह, मनीषा सिंह मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed